गोरखपुर में कृषक बीमा का इंतजार खत्म, 429 परिवारों को मिले 19.84 करोड़ रुपये
गोरखपुर में लंबे समय से लंबित कृषक दुर्घटना बीमा के मामलों का निस्तारण शुरू हो गया है। प्रशासन ने 429 ...और पढ़ें

महीनों से इंतजार कर रहे 429 परिवारों को मिली आर्थिक मदद। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
429 किसान परिवारों को मिली 19.84 करोड़ रुपये की सहायता।
गोरखपुर में लंबित कृषक दुर्घटना बीमा मामलों का निस्तारण।
डीएम दीपक मीणा की पहल पर मिली आर्थिक राहत।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। महीनों से लंबित कृषक दुर्घटना बीमा के मामलों में आखिरकार राहत पहुंचनी शुरू हो गई है। जिले में नवंबर 2025 तक लंबित फाइलों का निस्तारण करते हुए प्रशासन ने 429 पीड़ित किसान परिवारों के खातों में 19.84 करोड़ रुपये भेजे हैं। इससे उन परिवारों को सहारा मिला है, जो दुर्घटना के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे थे और सहायता मिलने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
जिले में लंबे समय से कृषक दुर्घटना बीमा से जुड़े मामलों के लंबित होने को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। डीएम दीपक मीणा की पहल पर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा के बाद फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज की गई। तहसील स्तर पर लंबित प्रकरणों की पड़ताल कर पात्र लाभार्थियों के खातों में धनराशि भेजी गई।
इस राहत का असर गांवों में भी दिखने लगा है। चौरीचौरा तहसील के रसूलपुर निवासी रमेश गुप्ता के परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता मिली है। परिवार के सामने रोजमर्रा की जिम्मेदारियों और खर्चों का दबाव था। इसी तरह सदर तहसील के तरकुलहा गांव निवासी विकास शर्मा के परिजनों के खाते में भी सहायता राशि पहुंची है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला है। खजनी तहसील के इमलीडीह गांव निवासी शत्रुघ्न और सहजनवां तहसील के डुमरी गांव निवासी रामवचन के परिवारों को भी पांच-पांच लाख रुपये की मदद दी गई है। गांवों में लोग इसे संकट के समय सहारा मान रहे हैं।
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कृषक दुर्घटना बीमा योजना का उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है। योजना के तहत किसान की दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को पांच लाख रुपये दिए जाते हैं। वहीं 100 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में भी पांच लाख रुपये, 50 प्रतिशत से अधिक विकलांगता पर 2.50 लाख रुपये और 50 प्रतिशत से कम स्थायी विकलांगता पर 1.25 लाख रुपये सहायता के रूप में मिलते हैं।
राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, योजना का लाभ पात्र किसानों, खातेदारों और कृषि कार्य से जुड़े परिवारों को निर्धारित शर्तों के तहत दिया जाता है। दुर्घटना सड़क हादसे, डूबने, बिजली गिरने, जानवर के हमले या अन्य आकस्मिक कारणों से हुई हो तो आवेदन किया जा सकता है।
लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निस्तारित कराया गया है। कोशिश है कि पात्र परिवारों को समयबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता मिले, जिससे संकट की घड़ी में उन्हें सहारा मिल सके।
- दीपक मीणा, डीएम
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