GDA में अब घर बैठे जमा करें शुल्क, नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने आवंटियों के लिए ऑनलाइन चालान प्रबंधन प्रणाली शुरू की है। इससे अब प्लाट, फ्लैट या अन्य संपत्ति के शुल्क घर बैठे आसानी ...और पढ़ें

प्राधिकरण में आनलाइन चालान प्रबंधन प्रणाली लागू। जागरण
HighLights
जीडीए ने ऑनलाइन चालान प्रबंधन प्रणाली लागू की।
आवंटी घर बैठे आसानी से शुल्क जमा कर सकेंगे।
समय की बचत और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के आवंटियों को अब शुल्क जमा करने के लिए दफ्तरों और बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जीडीए ने आनलाइन चालान प्रबंधन प्रणाली लागू कर दी है, जिससे प्लाट, फ्लैट, दुकान या अन्य संपत्ति के आवंटी घर बैठे आनलाइन शुल्क जमा कर सकेंगे। नई व्यवस्था से समय की बचत होने के साथ भुगतान प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
अब तक आवंटियों को किस्त, शुल्क या अन्य देय राशि जमा करने के लिए कई बार कार्यालय या बैंक का रुख करना पड़ता था। लंबी लाइन, कागजी प्रक्रिया और भुगतान की स्थिति जानने में दिक्कतें आम थीं। नई प्रणाली लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। आवंटी अपने मोबाइल या कंप्यूटर से आनलाइन चालान तैयार कर भुगतान कर सकेंगे।
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आवंटियों को हर छोटे काम के लिए जीडीए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भुगतान के तुरंत बाद डिजिटल रसीद उपलब्ध होगी, जिसे जरूरत पड़ने पर डाउनलोड या प्रिंट भी किया जा सकेगा। इससे भुगतान को लेकर विवाद या रिकार्ड गुम होने जैसी समस्याएं कम होंगी।
नई प्रणाली से आवंटी अपने बकाया शुल्क, किस्त और भुगतान की स्थिति भी आसानी से देख सकेंगे। किस तारीख को कितना भुगतान किया गया और कितना बाकी है, इसकी जानकारी एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध रहेगी। इससे पुराने रिकार्ड तलाशने की परेशानी कम होगी।
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ऑनलाइन व्यवस्था से गलत एंट्री या मैनुअल गड़बड़ी की संभावना भी घटेगी, क्योंकि भुगतान प्रक्रिया डिजिटल और स्वत: संचालित होगी। आवंटी 24 घंटे कभी भी भुगतान कर सकेंगे और कार्यालय समय पर निर्भरता कम होगी। इसके अलावा भुगतान सफल होने या बकाया राशि से जुड़ी सूचना मोबाइल या ईमेल पर मिलने की सुविधा भी उपयोगी साबित हो सकती है।
जीडीए की इस पहल को आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। खासकर उन आवंटियों के लिए, जिन्हें शुल्क जमा करने या भुगतान संबंधी जानकारी लेने के लिए बार-बार कार्यालय जाना पड़ता था। नई व्यवस्था से समय, मेहनत और खर्च तीनों की बचत होने की उम्मीद है।