गोरखपुर में चिकित्सकों की कमी होगी दूर, सीएचसी और पीएचसी में तैनात होंगे 49 नए डॉक्टर
गोरखपुर में सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी जल्द दूर होगी, जहां 49 नए चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। ये डॉक्टर सरकार की बांड व ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
गोरखपुर में 49 नए डॉक्टरों की तैनाती होगी।
एमबीबीएस बांड व्यवस्था से ग्रामीण स्वास्थ्य सुधरेगी।
सीएचसी, पीएचसी पर डॉक्टरों की कमी दूर होगी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर चिकित्सकों की कमी दूर होगी। जल्द ही 49 नए डॉक्टरों की तैनाती होने जा रही है। एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले चिकित्सक सरकार की बांड व्यवस्था के तहत दो वर्ष तक गांवों में रहकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।
नए चिकित्सकों में अधिकांश ने तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार भी संभाल लिया है। बचे हुए डॉक्टरों के भी जल्द ज्वाइन करने की उम्मीद है।
मुख्य चिकित्साधिकारी सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जनपद में चिकित्सकों के कुल 268 पद स्वीकृत हैं। इसकी तुलना में वर्तमान में करीब 148 डॉक्टरों ही तैनात हैं। चिकित्सकों की कमी का सीधा असर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
कई बार सीएचसी और पीएचसी पर रोगियों को विशेषज्ञ उपचार नहीं मिल पा रहा है। उनको जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कालेज की दौड़भाग करनी पड़ती है। 49 नए डॉक्टरों के आने से स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्र के रोगियों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने वाले चिकित्सकों के लिए सरकार ने बांड व्यवस्था लागू की है। इसके तहत एमबीबीएस करने के बाद डॉक्टरों को निर्धारित अवधि तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं देनी हैं। इसलिए चिकित्सकों को दो वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि नए चिकित्सकों की तैनाती से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी। सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से रोगियों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिल सकेगा।
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