गोरखपुर बार चुनाव में हुए बवाल में दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराया हत्या की कोशिश व लूट का केस, जांच में जुटी पुलिस
गोरखपुर सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव की मतगणना के दौरान हुए बवाल में कैंट पुलिस ने दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही ह ...और पढ़ें

अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ने नवनियुक्त अध्यक्ष व निवर्तमान अध्यक्ष समेत 20 पर लगाया आरोप।
HighLights
गोरखपुर बार चुनाव मतगणना में हुई मारपीट।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर दर्ज कराए मुकदमे।
हत्या के प्रयास, लूट के आरोप में जांच जारी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में मतगणना के दौरान हुए बवाल में कैंट पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी व निवर्तमान मंत्री गिरजेश मणि त्रिपाठी ने नवनियुक्त अध्यक्ष उमापति उपाध्याय, उनके दो बेटों,निवर्तमान अध्यक्ष भानु प्रताप पांडेय और 20 अज्ञात लोगों पर हत्या की कोशिश, लूट, मारपीट व धमकी देने का आरोप लगाया है।
गिरजेश मणि त्रिपाठी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि बुधवार रात करीब 9:15 बजे मतगणना चल रही थी। तभी भानु प्रताप पांडेय अपने 15-20 साथियों के साथ और उमापति उपाध्याय अपने दोनों पुत्रों के साथ मतगणना हाल में घुस आए।
सभी लोग अध्यक्ष पद के प्रत्याशी उमापति उपाध्याय को विजयी बनाने के लिए धमकाना शुरू कर दिया। गिरजेश ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने साथियों संग विरोध किया तो आरोपित हमलावर हो गए। उन्होंने अभिमन्यु निषाद, अमर पांडेय, अजय पांडेय, उत्सव मिश्रा, नीरज शाही, सौरभ कुमार को गाली देते हुए लात-मुक्का से मारा। हमले में अभिमन्यु निषाद बेहोश हो गए और चोट लगने से उन्हें उल्टी होने लगी।
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आरोप है कि भानु प्रताप पांडेय ने अभिमन्यु के जेब से 12,600 रुपये व अन्य कागजात जबरन निकाल लिए। शोर सुनकर सैकड़ों अधिवक्ता मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया, तब जाकर सबकी जान बच सकी।
प्रभारी निरीक्षक थाना कैंट संजय सिंह ने बताया कि पहले निवर्तमान अध्यक्ष भानु प्रताप पांडेय की तहरीर पर गिरजेश मणि उनके सहयोगी अभिमन्यु, अजय, उत्सव, सौरभ व नीरज शाही के विरुद्ध लूट, हत्या की काेशिश, मारपीट व बलवा का मुकदमा दर्ज कराया उसके बाद दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई की गई। आरोप की जांच चल रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।