Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गोरखपुर में लड़की की जान बचाकर खुद डूबा किशोर, राप्ती नदी में तलाश जारी

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 08:03 AM (GMT+05:30)

    गोरखपुर के तकिया घाट पर किशोर विवेक ने राप्ती नदी में डूब रही एक लड़की की जान बचाई, लेकिन खुद गहरे पानी में समा गया और लापता हो गया। पुलिस और एसडीआरएफ ...और पढ़ें

    राजघाट थाना क्षेत्र के तकिया घाट पर हुआ हादसा

    राजघाट थाना क्षेत्र के तकिया घाट पर हुआ हादसा

    HighLights

    1. किशोर विवेक ने राप्ती नदी में डूबती लड़की को बचाया।

    2. लड़की को बचाने के बाद विवेक गहरे पानी में लापता हो गया।

    3. एसडीआरएफ और गोताखोरों द्वारा नदी में तलाश जारी है।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राप्ती नदी किनारे दोस्त के साथ गया किशोर एक लड़की को डूबता देख कूद गया, उसने बहादूरी दिखाते हुए डूब रही लड़की की जान तो बचा ली, लेकिन खुद गहरे पानी में चला गया और लापता हो गया। यह माला राजघाट थाना क्षेत्र में स्थित तकिया घाट का है।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ व गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च अभियान शुरू किया, हालांकि देर शाम तक किशोर का कोई सुराग नहीं लग सका। स्थानीय लोग उसके बहादुरी की सराहना कर रहे है तो स्वजन का रो-रो कर बुरा हाल है।

    किशोर की पहचान बसंतपुर खास निवासी विवेक के रूप में हुई। वह अपने दोस्त के साथ तकिया घाट पर गया था। इसी दौरान एक मानसिक रूप से कमजोर लड़की अचानक नदी में कूद गई। उसे डूबता देख विवेक बिना देर किए पानी में कूद पड़ा।

    काफी प्रयास के बाद उसने लड़की को सुरक्षित नदी किनारे तक लाया, घाट पर खड़ा उसका दोस्त लड़की का बाह पकड़कर उसे नदी में बाहर किया। इसके बाद विवेक भी बाहर आने की कोशिश कर रही था कि उसका पैर फिसला और गहरे पानी में चले जाने से डूब गया। यह देख उसका दोस्त घबरा गया और स्वजन को सूचना दी।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- गोरखपुर में मुंहबोली बुआ ने फोन देखने पर डाटा, किशोर ने फंदे से लटककर दी जान

    उधर, जानकारी होते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई और स्वजन मौके पर पहुंच गए। पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोर भी मौके पर पहुंचे, नदी में किशोर की खोजबीन शुरू हुई। लेकिन देर शाम तक उसका पता नहीं चला।

    विवेक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और गांव के एक सरकारी स्कूल में कक्षा पांच का छात्र था। उसके पिता नगर निगम में सफाई कर्मी हैं। घटना के बाद से ही स्वजन का रो-रो कर बुरा हाल है। स्थानीय लोग विवेक की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं।