UP जनगणना में गलत जानकारी देना पड़ सकता भारी, एक मई से शुरू हो रही स्वगणना से लेकर घर-घर सर्वे तक
गोरखपुर में जनगणना-2027 की प्रक्रिया 22 मई से शुरू होगी, जिसमें पहली बार नागरिक ऑनलाइन स्वगणना कर सकेंगे। सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही पर भी कार्रवा ...और पढ़ें
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HighLights
जनगणना-2027 में पहली बार ऑनलाइन स्वगणना की सुविधा।
गलत जानकारी पर ₹1000 जुर्माना या तीन साल की जेल।
22 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जनगणना-2027 को लेकर इस बार प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी और सख्त की गई है। 22 मई से शुरू हो रही इस जनगणना में पहली बार नागरिकों को स्वगणना के माध्यम से आनलाइन अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी, लेकिन इसके साथ ही गलत जानकारी देने या प्रगणकों का सहयोग न करने पर कड़ी कार्रवाई का भी प्रविधान रखा गया है।
जनगणना के नोडल अधिकारी व एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनीत सिंह के अनुसार सेंसस एक्ट 1948 के तहत ऐसे मामलों में एक हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन साल तक की सजा, या दोनों हो सकते हैं। इतना ही नहीं, यदि कोई सरकारी कर्मचारी जनगणना ड्यूटी में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई तय है। जिले में जनगणना कार्य के लिए करीब 12 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है, जिसमें 90 प्रतिशत शिक्षक शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, 7 मई से 21 मई तक लोग स्वयं आनलाइन अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 22 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। यदि किसी ने स्वगणना की है तो उसे प्राप्त नंबर प्रगणक को देना होगा, तभी प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। दोनों ही स्थितियों में सही जानकारी देना अनिवार्य होगा।
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प्रशासन ने साफ किया है कि उम्र, आय, पेशा या परिवार के सदस्यों के बारे में गलत जानकारी देना, सवालों का जवाब देने से मना करना या प्रगणक को कार्य करने से रोकना कानूनन अपराध है। सेंसस एक्ट 1948 के तहत ऐसे मामलों में एक हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन साल तक की सजा, या दोनों हो सकते हैं। इतना ही नहीं, यदि कोई सरकारी कर्मचारी जनगणना ड्यूटी में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई तय है।
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जिला प्रशासन के अनुसार जनगणना के आंकड़े ही विकास योजनाओं, बजट और संसाधनों के वितरण की आधारशिला होते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पूरी ईमानदारी से सही जानकारी उपलब्ध कराए। प्रशासन जल्द ही जागरूकता अभियान भी चलाएगा, ताकि लोग जनगणना के महत्व को समझें और प्रक्रिया शुरू होने पर इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं।