गोरखपुर में इसी साल पुराने पते पर लौटेगा कलेक्ट्रेट, 19 विभाग एक ही छत के नीचे होंगे संचालित
गोरखपुर कलेक्ट्रेट इस साल दिसंबर तक अपने नए अत्याधुनिक भवन में वापस आ जाएगा, जो लगभग चार साल से अस्थायी ...और पढ़ें

गोरखपुर कलेक्ट्रेट का डिजाइन। जागरण
HighLights
दिसंबर तक नए भवन में लौटेगा गोरखपुर कलेक्ट्रेट।
19 विभाग एक ही परिसर में होंगे संचालित।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया प्रशासनिक भवन।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। करीब चार वर्षों से अस्थायी भवन से संचालित हो रहा गोरखपुर कलेक्ट्रेट नए साल की शुरुआत अपने पुराने पते से कर सकता है। कलेक्ट्रेट परिसर में बन रहे अत्याधुनिक भवन का निर्माण कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विधानसभा चुनाव 2027 की अधिसूचना जारी होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसका लोकार्पण कराने की तैयारी चल रही है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालय नए भवन में स्थानांतरित किए जाएंगे।
पुराना कलेक्ट्रेट भवन जर्जर घोषित होने के बाद जून 2022 में जिलाधिकारी कार्यालय और कलेक्ट्रेट के विभिन्न अनुभागों को रेलवे बस स्टेशन के निकट स्थित क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय भवन में स्थानांतरित किया गया था। अब उसी पुराने परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस नया प्रशासनिक भवन अंतिम चरण में पहुंच गया है। भवन का ढांचा लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही फिनिशिंग का कार्य शुरू होने की संभावना है।
निर्माण एजेंसी देवांश इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड करीब 240 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को विकसित कर रही है। परियोजना को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन न्यायालय से जुड़े मामलों के कारण करीब एक वर्ष तक निर्माण कार्य प्रभावित रहा।
नई व्यवस्था के तहत 19 महत्वपूर्ण विभाग एक ही परिसर में संचालित होंगे। पहले चरण में जिलाधिकारी कार्यालय और कलेक्ट्रेट के सभी अनुभाग नए भवन में शिफ्ट किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में पुराने आरटीओ कार्यालय परिसर से पुलिस कार्यालय भी यहां स्थानांतरित होगा।
नए प्रशासनिक परिसर में 500 चारपहिया और 500 दोपहिया वाहनों की पार्किंग, 300 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक आडिटोरियम तथा दोनों भवनों में कुल 14 लिफ्ट की व्यवस्था होगी। सभी प्रमुख विभाग एक ही स्थान पर आने से आम लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रशासनिक सेवाएं अधिक सुगम, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।
13.50 एकड़ में आकार ले रहा एकीकृत मंडलीय कार्यालय
रेलवे रोड स्थित नलकूप परिसर में निर्माणाधीन एकीकृत मंडलीय कार्यालय परियोजना तेजी से आकार ले रही है। करीब 13.50 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस आधुनिक प्रशासनिक परिसर में कार्यालय भवन, कोर्ट ब्लाक, बैंक भवन, एडवोकेट ब्लाक और सिंचाई विभाग के स्टाफ क्वार्टर बनाए जा रहे हैं। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कई भवनों की नींव और बेसमेंट का कार्य लगभग पूरा करा लिया है।
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मुख्य कार्यालय भवन बेसमेंट प्लस ग्राउंड प्लस पांच मंजिला होगा। इसके बेसमेंट की राफ्ट और फुटिंग फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है, जबकि बेसमेंट स्लैब तक 95 प्रतिशत कालम तैयार हैं। 200 मीटर लंबी रिटेनिंग वाल भी बनकर तैयार हो गई है। कोर्ट ब्लाक के बेसमेंट का निर्माण पूरा होने के बाद भूतल स्लैब की शटरिंग चल रही है।
पीछे के भवन का द्वितीय तल तक स्ट्रक्चर खड़ा हो चुका है, जबकि सात मंजिला एडवोकेट ब्लाक के बेसमेंट पर तेजी से काम जारी है। परियोजना के लिए सिंचाई व विद्युत विभाग के 29 कार्यालय अस्थायी रूप से जीडीए टावर में स्थानांतरित किए गए हैं।
सिंचाई विभाग के 69 आवासों में से 54 परिवारों को दूसरी योजनाओं में शिफ्ट किया जा चुका है। नजूल भूमि के मुद्रीकरण, पर्यावरणीय स्वीकृति और स्टाफ क्वार्टर के मानचित्र अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को और गति मिलने की उम्मीद है।
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