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    लोन का लालच और 60 लाख की ठगी, गोरखपुर में बाप-बेटी की 'ठग जोड़ी' ने रेलवे कर्मचारी को लगाया चूना 

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 08:00 AM (GMT+05:30)

    रेलवे स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह पर लोन दिलाने के नाम पर 60.50 लाख रुपये की ठगी का एक और मुकदमा सहजनवां थाने में दर्ज हु ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. बाप-बेटी पर 60.50 लाख रुपये की ठगी का नया केस।

    2. रेलवे कर्मचारी से लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की।

    3. एम्स पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

    संवाद सूत्र, पिपरौली, (गोरखपुर)। लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार रेलवे स्टेशन अधीक्षक और उनकी बेटी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एम्स थाना क्षेत्र में कार्रवाई के बाद अब सहजनवां थाने में भी दोनों के विरुद्ध रेलवे कर्मचारी से 60.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बैंक दस्तावेजों और लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। इससे पहले एम्स पुलिस दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

    सहजनवां रेलवे स्टेशन पर तैनात कॉमर्शियल क्लर्क संदीप कुमार पांडेय ने तहरीर में आरोप लगाया कि स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह ने अपनी बेटी गरिमा सिंह को बैंक कर्मचारी बताते हुए पुराना लोन चुकाकर नया लोन दिलाने का भरोसा दिया। 10 लाख रुपये की आवश्यकता बताने पर उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड और वेतन संबंधी दस्तावेज ले लिए।

    इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों से उनके नाम पर 61.64 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया गया। संदेह होने पर जब उन्होंने जानकारी मांगी तो ध्रुव नारायण सिंह ने पूरी राशि अपने खाते में जमा कराने को कहा। विश्वास में आकर पीड़ित ने सात बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और एक चेक के माध्यम से करीब 60.50 लाख रुपये उनके खाते में भेज दिए।

    बाद में बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि किसी भी बैंक का लोन जमा नहीं किया गया है। शुरुआती चार माह तक आरोपितों ने ईएमआई जमा की, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। अब बैंक की ओर से किस्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

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    थानाध्यक्ष संजय मिश्रा ने बताया कि ध्रुव नारायण सिंह, गरिमा सिंह और अन्य के विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और संगठित आर्थिक अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।