गोरखपुर में हर होटल-ढाबे पर क्यूआर कोड, ग्राहक कर सकेंगे ऑनलाइन शिकायत
गोरखपुर में अब उपभोक्ता होटलों, ढाबों और किराना दुकानों में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता पर खुद नजर रख सकेंगे। क्यूआर कोड स्कैन कर 'फूड सेफ्टी कनेक् ...और पढ़ें

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर के सभी प्रतिष्ठानों पर स्टिकर चस्पा करना किया शुरू
HighLights
गोरखपुर में खाद्य प्रतिष्ठानों पर क्यूआर कोड अनिवार्य।
ग्राहक 'फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप' से शिकायतें दर्ज करेंगे।
मिलावटखोरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने का नया कदम।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अक्सर यह बात सामने आती रहती है कि दुकानदार ने खराब खाने-पीने के चीज दे दी है। लोग चाहकर भी इसके संबंध में शिकायत नहीं कर पाते थे। लेकिन अब होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिष्ठान भंडार और किराना दुकानों में मिलने वाले खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता पर उपभोक्ता खुद नजर रख सकेंगे।
खाने की शुद्धता, साफ-सफाई या गुणवत्ता में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर अब विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करते ही शिकायत सीधे खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) तक पहुंच जाएगी। ये क्यूआर कोड हरेक दुकानों पर चस्पा मिलेंगे।
प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद एफएसडीए ने जनपद में ‘ग्राहक संतुष्टि फीडबैक’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ का क्यूआर कोड युक्त पोस्टर चस्पा करना शुरू कर दिया गया है।
विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को जागरूक बनाना, खाद्य कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना और मिलावटखोरी व लापरवाही पर अंकुश लगाना है। विभाग की टीमें शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार निरीक्षण अभियान चला रही हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि क्यूआर कोड पोस्टर ऐसे स्थान पर लगाए जाएं, जहां ग्राहक उन्हें आसानी से देख सकें।
नई व्यवस्था के तहत ग्राहक होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान या किराना प्रतिष्ठान में लगे क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद उपभोक्ता सीधे विभाग को शिकायत, सुझाव और फीडबैक भेज सकेंगे। ऐप के माध्यम से ग्राहक भोजन की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों की शुद्धता, साफ-सफाई, कर्मचारियों की स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अपनी राय दर्ज करा सकेंगे।
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सबसे खास बात यह है कि शिकायत के साथ उपभोक्ता फोटो और जरूरी विवरण भी अपलोड कर सकेंगे। इससे शिकायतों के सत्यापन और निस्तारण में तेजी आएगी। ऐप में मिलने वाली शिकायतों और फीडबैक की नियमित निगरानी की जाएगी। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां जांच कर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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खाद्य प्रतिष्ठानों की बढ़ेगी जवाबदेही, गुणवत्ता बनाए रखने का होगा दबाव
इस पहल से खाद्य प्रतिष्ठानों में जवाबदेही बढ़ेगी और दुकानदारों पर गुणवत्ता बनाए रखने का दबाव रहेगा। साथ ही उपभोक्ता भी अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक होंगे। अधिकारियों के अनुसार अब उपभोक्ताओं को खराब भोजन, मिलावटी खाद्य पदार्थ या अस्वच्छ वातावरण की शिकायत दर्ज कराने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। कुछ क्लिक में शिकायत सीधे विभाग तक पहुंच जाएगी।
क्यूआर कोड पोस्टर पर होगा प्रतिष्ठान का पूरा विवरण
प्रत्येक पोस्टर पर संबंधित प्रतिष्ठान का एफएसएसएआई लाइसेंस अथवा पंजीकरण नंबर, फर्म का नाम, संचालक का नाम और पूरा पता दर्ज रहेगा। इससे उपभोक्ताओं को यह जानकारी आसानी से मिल सकेगी कि संबंधित प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत पंजीकृत है या नहीं। इससे बिना पंजीकरण चल रहे प्रतिष्ठानों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जारी टोल फ्री नंबर 18001805533 भी इस पर अंकित है। उपभोक्ता किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव इस नंबर पर दर्ज करा सकते हैं।
विभाग जनपद में सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जागरूक उपभोक्ता बनें और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
-डा. सुधीर सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन