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    गोरखपुर में आया पेट्रोल-डीजल तो उमड़े लोग, आज खुला रहेगा डिपो

    Updated: Sun, 24 May 2026 07:29 AM (GMT+05:30)

    गोरखपुर में दो दिनों में 300 टैंकर से 36 लाख लीटर से अधिक पेट्रोल-डीजल पहुंचने के बाद पंपों पर भीड़ कम हुई है। आपूर्ति विभाग ने रविवार को भी बैतालपुर ...और पढ़ें

    लगातार टैंकर आने से जिले में 10 लाख तेल का हुआ स्टाक। जागरण

    लगातार टैंकर आने से जिले में 10 लाख तेल का हुआ स्टाक। जागरण

    HighLights

    1. दो दिन में 300 टैंकर से 36 लाख लीटर ईंधन।

    2. पंपों पर भीड़ कम हुई, आपूर्ति सामान्य।

    3. बैतालपुर डिपो रविवार को भी खुला रहेगा।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दो दिन में तीन सौ टैंकर में 36 लाख लीटर से ज्यादा पेट्रोल-डीजल आने के बाद शनिवार को पंपों पर मारामारी कम रही। सुबह जिन पंपों पर तेल नहीं था उन पर दोपहर तक आ गया। भारत पेट्रोलियम ने प्रमुख स्थानों पर स्थित अपने पंपों को दो-दो टैंकर तेल दिया।

    शाम होने तक कई पंपों पर लाइन खत्म हो चुकी थी। लोग आराम से तेल लेकर जा रहे थे। इधर, आपूर्ति विभाग ने बात कर रविवार को बैतालपुर डिपो खोलने की स्वीकृति दिला दी है। यानी रविवार को भी तेल की आपूर्ति बनी रहेगी। पिछले सप्ताह रविवार को डिपो बंद हो जाने से तेल का संकट बढ़ गया था।

    जिले में तकरीबन 10 दिन से पेट्रोल और डीजल का संकट था। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों के सामने थी। किसानों को डीजल न मिल पाने के कारण खेतों की सिंचाई पर असर पड़ने लगा था।

    इसे देखते हुए पिछले दिनों डीएम दीपक मीणा ने इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिले में आपूर्ति बढ़ा दी गई।

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    जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लगातार आपूर्ति होने से पंपों पर लोगों की भीड़ कम हो गई है। मांग में 40 प्रतिशत तक कमी आई है। मंगलवार तक 20 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। तेल का कोई संकट नहीं है। लोग हड़बड़ी न दिखाएं, जरूरत भर का ही तेल लें।

    कार्यदाई संस्थाओं को दे रहे डीजल
    आपूर्ति विभाग ने विकास कार्यों से जुड़ी कार्यदाई संस्थाओं को डीजल दिलाना शुरू कर दिया है। जिनका काम ज्यादा है उनको प्रति दिन तीन हजार लीटर और जिनका कम है उनको प्रतिदिन एक हजार लीटर डीजल दिया जा रहा है। डीजल की पर्याप्त आपूर्ति न होने विकास कार्यों पर असर पड़ रहा था। इसे देखते हुए लंबे समय से डीजल की मांग की जा रही थी। अब डीजल की आपूर्ति शुरू होने के बाद विकास कार्यों में तेजी आ गई है।

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