गोरखपुर बालिका हत्याकांड: बरगदवा और शेरपुर चमराहे टोल के फुटेज ने खोला राज, देखे गए 200 सीसीटीवी कैमरे
पुलिस ने गोरखपुर में बालिका के अपहरण और हत्या के मामले को 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी विश्लेषण की मदद से सुलझाया। बरगदवा और शेरपुर ...और पढ़ें

घटनास्थल पर पहुंचे डीआइजी डा. एस चनप्पा - सौ. पुलिस मीडिया सेल
HighLights
पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की।
बरगदवा और टोल प्लाजा फुटेज से आरोपित का राज खुला।
आरोपित सिपाही अभिषेक यादव को हिरासत में लिया गया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिला अस्पताल परिसर से बाहर निकलते ही बालिका के अपहरण बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसे जल्द बरामद करने और आरोपित तक पहुंचने की थी। पुलिस ने जिले में लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी विश्लेषण के सहारे सिपाही अभिषेक यादव की गतिविधियों की कड़ी जोड़ी।
लेकिन, आरोपित का राज बरगदवा और शेरपुर चमराहे टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज ने खोला। बरगदवा में आरोपित सिपाही बाइक से अकेला दिखा, जबकि टोल प्लाजा पर आरोपित के साथ बालिका भी देखी गई। इसके बाद टीम ने मान लिया कि वारदात इन दोनों कैमरों के बीच में हुई होगी। हालांकि गुरुवार की सुबह छह बजे तक चली जांच बाद साढ़े सात बजे शव बरामद कर पुलिस ने घटना का पर्दाफाश किया।
घटना बाद पुलिस टीम ने सबसे पहले जिला अस्पताल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान टीम जुबली चौराहे तक पहुंची, लेकिन वहां आरोपित दिखाई नहीं दिया। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमों को अलग-अलग मार्गों पर लगे कैमरों की जांच के लिए लगाया। इसी बीच एक टीम को बक्शीपुर चौराहे के कैमरे में आरोपित बाइक से जाता हुआ दिखाई दिया।
इसके बाद सभी टीमों को एक साथ जोड़कर आगे के मार्गों की पड़ताल शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो एक टीम शेरपुर चमराहे स्थित टोल प्लाजा के कैमरों तक पहुंची। यहां आरोपित को बालिका के साथ जाते हुए देखा गया। वहीं दूसरी टीम ने बरगदवा क्षेत्र के कैमरों की जांच की तो आरोपित अकेले बाइक से आता दिखाई दिया। इसके बाद दोनों स्थानों के बीच लगे कैमरों की फुटेज को जोड़ते हुए पुलिस टीम घटना स्थल तक पहुंच गई।
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तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 29 जुलाई की शाम आरोपित सिपाही को हिरासत में लिया। पूछताछ में वह शुरुआत में पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के सामने उसके जवाब बदलते गए।
एसएसपी डा. कौस्तुभ ने बताया कि घटना के पर्दाफाश के लिए पुलिस की 10 टीमों ने काम किया। सुबह छह बजे तक 200 सीसीटीवी कैमरों की जांच कर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ ली गई।