गोरखपुर बालिका हत्याकांड: पांच थाना और 20 चौकी पार कर मासूम को ले गया सिपाही, वारदात को अंजाम देकर चुपचाप लौटा वापस
गोरखपुर में एक सिपाही ने 10 वर्षीय बालिका का अपहरण कर 29 किमी दूर हत्या कर दी और शव फेंका। इस दौरान उसने पांच थाना और 20 पुलिस चौकी क्षेत्रों को पार क ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
सिपाही ने 10 वर्षीय बालिका का अपहरण कर हत्या की।
29 किमी दूर ले जाकर शव फेंका, 20 चौकी पार की।
पुलिस की निगरानी और चेकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल।
जितेन्द्र पाण्डेय, गोरखपुर। रात के सन्नाटे में वर्दी का भय और पुलिस निगरानी की चूक ने एक मासूम की जान ले ली। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अभिषेक यादव जिला अस्पताल के सामने से 10 वर्षीय बालिका को बाइक पर बैठाकर करीब 29 किलोमीटर दूर चिउटहा शमशान घाट ले गया।
वहां दरिंदगी के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए घटना स्थल से करीब 700 मीटर दूर चिउटहा के प्रेमपुर टोला गांव के पास रेलवे लाइन पार नदी किनारे शव फेंक दिया। फिर 16 किलोमीटर का सफर तय कर पुलिस लाइन पहुंच गया।
आरोपित जिस रास्ते से बालिका को लेकर गया और वापस लौटा, वह पांच थाना क्षेत्रों और करीब 20 पुलिस चौकी क्षेत्रों के अंतर्गत आता है। इतनी लंबी दूरी तक एक बालिका को बाइक पर बैठाकर ले जाने के बावजूद रास्ते में किसी ने उसे रोककर पूछताछ नहीं की। अपहरण से लेकर वारदात बाद सवा तीन घंटे के भीतर उसके पुलिस लाइन लौट आने से पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोपित ने जिस मार्ग का इस्तेमाल किया, उससे लगता है कि उसने पहले से रास्ते की जानकारी जुटाई थी। रात के समय इस मार्ग पर आवागमन कम रहता है। कई स्थानों पर दो से तीन किलोमीटर तक आबादी नहीं है। सड़क किनारे नदी, तालाब और सुनसान क्षेत्र होने के कारण अपराध करने और साक्ष्य छिपाने के लिए ऐसे स्थानों का इस्तेमाल किया गया।
मानसिक रूप से अपराधिक किस्म के आरोपित सिपाही ने सीसी कैमरे के फुटेज के हिसाब से 9:45 बजे बालिका को कोतवाली क्षेत्र के जिला अस्पताल के बाहर बाइक पर बैठाया। इसके बाद वह कैंट थाना क्षेत्र के शास्त्री चौराहा होते हुए कचहरी चौराहा पहुंचा। यहां से टाउनहाल होते हुए, बक्शीपुर, चौरहिया गोला, खूनीपुर चौराहा होते हुए राजघाट थाना क्षेत्र के लालडिग्गी होते हुए हार्बट बंधा फोरलेन पहुंचा। फिर तीवारीपुर थाना क्षेत्र में स्थित बंधे से होते हुए डोमिनगढ़ पुलिस चौकी पहुंचा।
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यहां आगे बंधे पर काम होने के चलते उसने डोमिनगढ़ मार्ग से भंडारो और भीटनी के पास जीरो प्वाइंट-जंगल कौड़िया फोरलेन मार्ग पर पहुंचा। यहां से शेरपुर चमराहे टोल प्लाजा पार कर जंगल कौड़िया जीरो प्वाइंट से चिउटहा एसवीएम स्कूल के पास बने कट से बायी लेन पकड़कर चिउटहा पुल होते हुए बाए तरफ बने बंधे को पकड़कर शमशान घाट।
यहां पर बने पक्के कमरें में ले गया। आरोपित की दरंदीगी कमरे में पसरे खून और नदी किनारे क्षत-विक्षत कपड़े के साथ मिले बालिका के शव से लगाया जा सकता है। आरोपित वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस लाइन आने के लिए चिउटहा से बरगदवा चौराहा पहुंचता है। यहां से नकहा ओवरब्रिज पार कर रामजानकी नगर मार्ग होते हुए स्पोर्ट्स कालेज मार्ग पर पहुंचा। फिर मेडिकल कालेज मार्ग पर आया और असुरन होते हुए धर्मशाला पुल से गोलघर कालीमंदिर से पुलिस लाइंस पहुंच गया।
सीसी कैमरे के फुटेज में वह रात करीब 1:05 बजे देखा गया। जिन मार्गों से वह गया वह चौड़ा और फोरलेन होने के कारण बाइक से तेज गति में आना-जाना आसान रहा। वर्दी पहने होने के कारण रास्ते में किसी को संदेह नहीं हुआ। लेकिन, घटना ने पुलिस विभाग की आंतरिक निगरानी, रात्रि गश्त और चेकिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
पहले होटल में खाया खाना, फिर अस्पताल पहुंचा था आरोपित
सीसीटीवी कैमरे की जांच में सामने आया है कि आरोपित सिपाही जिला अस्पताल पहुंचने से पहले रात करीब साढ़े आठ बजे अस्पताल के पीछे स्थित एक होटल में भोजन किया। इसके बाद वह अस्पताल परिसर पहुंचा और पहले भर्ती बीमार बड़ी बहन को अपने झांसे में लेने का प्रयास किया। बड़ी बहन के मना करने पर उसकी नजर छोटी बहन 10 वर्षीय बालिका पर टिक गई, जो भोजन लेकर पहुंची थी।
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जैसा की घटना के बाद बड़ी बहन ने भी बताया था कि आरोपित अस्पताल में करीब एक घंटे तक बालिका के पीछे-पीछे घूमता रहा। रात करीब 9:45 बजे जैसे ही बालिका अस्पताल से बाहर निकली, आरोपित भी पीछे-पीछे गया और उसे बाइक पर बैठाकर वहां से ले गया। पीड़ित के आरोप और सीसीटीवी कैमरे में मिले फुटेज साबित करते हैं कि आरोपित ने पूरी वारदात पहले से तय योजना के तहत अंजाम दी और मौके की तलाश में अस्पताल परिसर में काफी देर तक मौजूद रहा।
ड्यूटी खत्म होते ही अस्पताल पहुंचा सिपाही, पूछताछ में दवा लेने की बताई वजह
आरोपित सिपाही मूल रूप से पुलिस लाइंस में तैनात था। मंगलवार को गोरखनाथ पीआरवी के एक सिपाही के अवकाश पर होने के कारण उसकी ड्यूटी सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक पीआरवी में लगाई गई थी। ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह पुलिस लाइंस स्थित अपने कमरे पर पहुंचा, वहां से बाइक लेकर वह जिला अस्पताल गया।
वारदात के बाद जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो आरोपित ने बताया कि उसके पैर में दर्द था, इसलिए वह दवा लेने अस्पताल गया था। हालांकि, जांच और सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज में सामने आए घटनाक्रम ने उसके इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।