गोंडा भेज दिए गए गोरखपुर के गुड्स लोको पायलट के 34 पद, रेलवे के सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
गोरखपुर में गुड्स लोको पायलटों के 34 पद गोंडा स्थानांतरित कर दिए गए हैं, जिससे लोको पायलटों में असंतोष है और मालगाड़ी संचालन प्रभावित होने की आशंका है ...और पढ़ें

गोरखपुर में 194 की जगह 160 हो गई है गुड्स लोको पायलटों की संख्या। जागरण
HighLights
गोरखपुर के 34 गुड्स लोको पायलट पद गोंडा स्थानांतरित।
लोको पायलटों में असंतोष, मालगाड़ी संचालन प्रभावित होने की आशंका।
एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने बीओएस नियमावली उल्लंघन का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। लोको पायलटों की नियुक्ति और पदोन्नति करने की बजाय रेलवे प्रशासन ने स्वीकृत पदों (बीओएस) में काट-छांट शुरू कर दी है। लखनऊ मंडल प्रशासन ने पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर पश्चिम में स्वीकृत गुड्स लोको पायलटों के 34 पद कम करके गोंडा को दे दिया है।
अब गोंडा जंक्शन पर गुड्स लोको पायलटों के पद 199 से बढ़कर 228 हो गए हैं। इसको लेकर गोरखपुर में तैनात गुड्स लोको पायलटों में असंतोष है। आरोप है कि, मुख्यालय में स्वीकृत पद बढ़ाने की बजाय और कम कर दिया गया है। एक तो पहले से ही लोको पायलटों की संख्या कम है, ऊपर से उन्हें गोंडा भेज दिया गया है। मालगाड़ियों का संचालन तो प्रभावित होगा ही, लोको पायलटों को नियमानुसार पर्याप्त विश्राम नहीं मिल पाएगा।
जानकारों का कहना है कि 14 जुलाई तक गोरखपुर डीजल लाबी में गुड्स लोको पायलटों का बीओएस 194 था। 20 जुलाई को यह संख्या घटकर 160 हो गई है। जबकि, ऐसा नहीं होना चाहिए। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर रूट पर लगातार मालगाड़ियां बढ़ रही हैं, ऐसे में लोको पायलटों की संख्या भी बढ़नी चाहिए। लेकिन, रेलवे प्रशासन इसके उल्टा कर रहा है। लखनऊ मंडल प्रशासन का कहना है कि गोंडा में ही मालगाड़ियों का हब बनाया जाएगा।
ऐसे में लोको पायलटों की संख्या बढ़ायी जा रही है। लेकिन, सवाल यह है कि लखनऊ मंडल में ही 175 लोको पायलटों की पदोन्नति की प्रक्रिया लटकी पड़ी है। स्थिति यह है कि 175 सहायक लोको पायलट (एएलपी) पद पर लेवल-02, ग्रेड पे 1900 के 50 प्रतिशत विभागीय कोटा के अंतर्गत प्रस्तावित पदोन्नति परीक्षा (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) के लिए सिर्फ एक रेलकर्मी ने आवेदन किया है।
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लोको पायलटों की समस्या को लेकर एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) ने वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। यूनियन के संयुक्त महामंत्री व एआइआरएफ के जोनल सेक्रेटरी ओंकार नाथ सिंह ने लखनऊ मंडल प्रशासन पर असंवैधानिक कार्यवाही का आरोप लगाया है। कहा है कि रेलवे प्रशासन ने बीओएस नियमावली का उल्लंघन किया है। किसी कार्यालय अथवा यूनिट में पदों की स्वीकृति अनुपात के आधार पर होती है।
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मनचाहे तरीके से किसी भी यूनिट में पदों की स्वीकृत को घटाया या बढ़ाया नहीं जा सकता है। लोको पायलट (गुडस) के पदों में बदलाव करने से कार्यरत कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना को उत्पन्न होने के साथ परिवार के बेहतर जीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
गोंडा लाबी से गोरखपुर और लखनऊ लाबी स्थानांतरण के लिए प्रतीक्षारत लोको पायलट गुड्स के हितों पर भी विपरीत प्रभाव डालेगा। इसका असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ सकता है। यूनियन ने लखनऊ मंडल प्रशासन से पदों के स्थानांतरण पर पुन: विचार करने की मांग की है।