रेलवे ट्रैक पर बढ़ेगी निगरानी, पथराव करने वालों पर होगी विशेष नजर
गोरखपुर जीआरपी ने ट्रेनों पर पथराव और आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए विशेष सुरक्षा अभियान शुरू किया है। संवेदनशील रेलखंडों पर निगरानी बढ़ाने, सूच ...और पढ़ें

AI Image
HighLights
संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान चलेगा।
अपराधियों का रिकॉर्ड 'यक्ष' ऐप पर अनिवार्य रूप से अपडेट होगा।
ट्रेनों में स्कॉर्ट और डिजिटल निगरानी प्रणाली होगी मजबूत।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ट्रेनों पर पथराव और रेलवे ट्रैक के आसपास होने वाली आपराधिक घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने सुरक्षा अभियान शुरू किया है।
अब पथराव वाले संवेदनशील रेलखंडों की विशेष निगरानी होगी, ट्रैक किनारे बसे गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और स्थानीय लोगों को पुलिस के सूचना तंत्र से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही ट्रेनों की सुरक्षा के लिए स्कॉर्ट व्यवस्था और डिजिटल निगरानी तंत्र को भी और मजबूत किया जाएगा।
एसपी रेलवे रेलवे लक्ष्मीनिवास मिश्र ने मंगलवार को अनुभाग के सभी थाना व चौकी प्रभारियों के साथ आनलाइन समीक्षा बैठक कर इस संबंध में निर्देश दिए। जिन रेलखंडों पर पहले पथराव की घटनाएं हुई हैं, उन्हें चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी करने,रेलवे ट्रैक के किनारे बसे गांवों के गणमान्य लोगों के साथ बैठक कर उन्हें जागरूक करने के लिए कहा।
थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों, की फोटो, फिंगरप्रिंट का विवरण यक्ष एप पर अनिवार्य रूप से अपडेट कराएं। सी-प्लान के तहत स्टेशन, ट्रेनों और रेल पटरियों के आसपास रहने वाले दुकानदारों, वेंडरों, कुलियों, संभ्रांत नागरिकों और जागरूक यात्रियों को जोड़ा जाए।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर में 120 की रफ्तार से दौड़ी कारखाने से निकली पहली वंदे भारत, ट्रायल सफल
ई-आफिस, ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली का शत-प्रतिशत उपयोग करने के साथ ही अनुभाग से चलने वाली सभी ट्रेनों में स्कोर्ट की ड्यूटी की निगरानी करें। स्कोर्ट टीम को रवाना करने से पहले शस्त्र, बाडी-वार्न कैमरा, ब्लूटूथ स्पीकर समेत सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और आवश्यक ब्रीफिंग के बाद ही उन्हें ड्यूटी पर भेजा जाए।