गोरखपुर में 120 की रफ्तार से दौड़ी कारखाने से निकली पहली वंदे भारत, ट्रायल सफल
गोरखपुर के यांत्रिक कारखाने में ओवरहालिंग के बाद पहली वंदे भारत रेक का गोरखपुर-बढ़नी रूट पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल हुआ। यह रेक फि ...और पढ़ें

मरम्मत के बाद गोरखपुर-बढ़नी रूट पर हुआ सफल ट्रायल। जागरण फाइल फोटो
HighLights
यांत्रिक कारखाने में वंदे भारत रेक की ओवरहालिंग सफल।
गोरखपुर-बढ़नी रूट पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रायल।
यह रेक गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत में लगेगी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। यांत्रिक कारखाने को एक और उपलब्धि हासिल हुई है। कारखाने में ओवरहालिंग के बाद निकली सेमी हाईस्पीड ट्रेन की पहली रेक का मंगलवार को सफल ट्रायल हुआ। ट्रेन गोरखपुर-बढ़नी रूट पर 110 से अधिकतम 120 की रफ्तार से दौड़ी।
यह ट्रेन अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की गति से चल सकती है। फिट घोषित होने के बाद रेक गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ-प्रयागराज वंदे भारत के रूप में चलने लगेगी। यह ट्रेन अभी दूसरे जोन की रेक से चल रही है।
यांत्रिक कारखाने में पहली बार 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन की रेक की ओवरहालिंग हुई है। संसाधनों व उपकरणों के अभाव में भी कारखाने के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने रेक की ओवरहालिंग पूरी कर ली है।
दरअसल, गोरखपुर में वंदे भारत ट्रेनों की कोचिंग डिपो में रिपेयरिंग और सफाई-धुलाई तो हो जाती है, लेकिन ओवरहालिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि, रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर में वंदे भारत के डिपो निर्माण की मंजूरी दे दी है। लेकिन पर्याप्त भूमि नहीं मिलने से डिपो निर्माण नहीं हो पा रहा।
ऐसे में वंदे भारत की ओवरहालिंग प्रभावित हो रही है। रेलवे प्रशासन की परेशानियों को देखते हुए कारखाना प्रबंधन ने अपने इंजीनियरों व सुपरवाइजरों के भरोसे वंदे भारत की ओवरहालिंग का निर्णय लिया है। फिलहाल, गोरखपुर से प्रयागराज और पाटलिपुत्र के बीच चलने वाली दो वंदे भारत ट्रेन की सफाई-धुलाई व रखरखाव गोरखपुर न्यू कोचिंग डिपो में हो रहा है।
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अब वंदे भारत के रोजाना रखरखाव व सफाई-धूलाई के लिए भी कोचिंग डिपो में जगह नहीं मिल पा रही। वंदे भारत के रखरखाव और ओवहालिंग को लेकर रेलवे प्रशासन की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। जबकि, आने वाले दिनों में गोरखपुर से वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनें ही चलाई जानी है। सात जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर जंक्शन से पहली वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई थी।