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    गोरखपुर खोराबार टाउनशिप में आवंटियों को जल्द मिलेगा कब्जा, अतिक्रमण हटा

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 11:05 AM (IST)

    गोरखपुर विकास प्राधिकरण की खोराबार टाउनशिप परियोजना में आवंटियों को जल्द कब्जा मिलेगा। टाउनशिप तक जाने वाले 18 मीटर चौड़े मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटा ...और पढ़ें

    पहले चरण में एक हजार से अधिक फ्लैट और भूखंड मिलेंगे। जागरण

    पहले चरण में एक हजार से अधिक फ्लैट और भूखंड मिलेंगे। जागरण

    HighLights

    1. खोराबार टाउनशिप के मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाया गया।

    2. अगस्त से 1000 से अधिक आवंटियों को कब्जा मिलेगा।

    3. दीवाली तक सभी आवंटियों को कब्जा देने का लक्ष्य।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की बहुप्रतीक्षित खोराबार आवासीय टाउनशिप परियोजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। परियोजना में आवंटियों को समय पर कब्जा दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जीडीए ने विरोध के बीच टाउनशिप तक पहुंचने वाले 18 मीटर चौड़े मुख्य मार्ग पर किए गए अतिक्रमण को हटा दिया है। मुख्य मार्ग बाधामुक्त करने के साथ ही निर्माण कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण पहले चरण में एक हजार से अधिक फ्लैट और आवासीय भूखंडों का कब्जा अगस्त से देने की तैयारी में जुटा है।

    जीडीए का लक्ष्य है कि टाउनशिप के आधे से अधिक आवंटी अगले दो महीनों के भीतर अपने फ्लैट या भूखंड का स्वामित्व प्राप्त कर लें। शेष आवंटियों को दूसरे चरण में दीवाली तक कब्जा देने की योजना है। हालांकि, यदि लगातार बारिश से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ तो नवंबर में एक साथ कब्जा हस्तांतरण भी किया जा सकता है।

    जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने निर्माण एजेंसियों और अभियंताओं को निर्देश दिए कि सड़क, नाली, सीवर, विद्युत आपूर्ति सहित सभी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े शेष कार्य इसी माह के भीतर पूरे कर लिए जाएं। साथ ही कब्जा देने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए रेरा से जुड़े सभी पहलुओं पर पहले से तैयारी करने को भी कहा।

    खोराबार टाउनशिप में लगभग 2000 फ्लैट और 312 आवासीय भूखंड विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मेडिसिटी योजना के तहत क्लीनिक लेन में 46 बड़े भूखंड विकसित किए गए हैं, जहां अस्पताल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थान स्थापित किए जा सकेंगे। इन भूखंडों पर आवासीय निर्माण की भी अनुमति रहेगी।

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    परियोजना के विभिन्न आवासीय ब्लाकों का निर्माण भी अंतिम चरण में है। मिनी एमआइजी श्रेणी के दो ब्लाकों में कुल 420 आवास बनाए जा रहे हैं। पहले ब्लाक का संरचनात्मक कार्य पूरा हो चुका है और आंतरिक फिनिशिंग 95 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। दूसरे ब्लाक का ढांचा भी तैयार है तथा अंतिम चरण की फिनिशिंग जारी है। अधिकारियों के अनुसार दोनों ब्लाक जून अंत तक पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।

    एलआइजी श्रेणी में कुल 480 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। पहले ब्लाक का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि दूसरे ब्लाक में 13वीं मंजिल तक संरचनात्मक कार्य पूरा कर लिया गया है। दोनों ब्लाकों में फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं ईडब्ल्यूएस श्रेणी के सात ब्लाकों में से पांच ब्लाक अगले माह तक तैयार हो जाएंगे। कुल 560 आवासों में से करीब 400 आवासों का कब्जा देने की तैयारी की जा रही है।

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    एमआइजी श्रेणी के 10 ब्लाकों में निर्माण कार्य अभी जारी है। इस वर्ग के 560 फ्लैट अगस्त-सितंबर तक तैयार होने की संभावना है। तीन टावरों में 13 मंजिल तक निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष टावरों में ऊपरी मंजिलों का कार्य तेजी से चल रहा है।

    जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल का कहना है कि प्राधिकरण अगले माह तक परियोजना के 50 प्रतिशत से अधिक आवंटियों को कब्जा दिलाने की तैयारी में जुटा है। दीवाली तक सभी को कब्जा दिला दिया जाएगा।