गोरखपुर में जमीन दिलाने के नाम पर 44 लाख रुपये की ठगी, चार पर केस
गोरखपुर में जमीन दिलाने के नाम पर एक बिल्डर से 44 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। जालसाजों ने खुद को पिछड़ी जाति का बताकर सौदा किया, फिर अनुसूचित जाति क ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
गोरखपुर में जमीन दिलाने के नाम पर 44 लाख की ठगी।
जालसाजों ने पिछड़ी जाति बताकर किया सौदा, फिर मुकरे।
एसएसपी के निर्देश पर चार आरोपितों पर मुकदमा दर्ज।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जमीन दिलाने के नाम पर जालसाजों 44 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने पहले खुद को पिछड़ी जाति का बताकर जमीन का सौदा तय किया और रकम ले ली, लेकिन बैनामा करने की बारी आने पर अनुसूचित जाति का हवाला देकर सौदा टालते रहे।
रुपये वापस मांगने पर देने से मना कर दिए। पीड़ित के प्रार्थना पत्र पर एसएसपी ने कार्रवाई का निर्देश दिया, जिसके बाद गुलरिहा पुलिस ने चार नामजद आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह धोखाधड़ी एम्स थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी दिग्विजय सिंह के साथ हुई। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि असुरन स्थित राधिका काम्प्लेक्स में किराए के मकान में रहते हैं। वह धर्मक बिल्डर्स एंड कालोनाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक हैं।
व्यवसाय के विस्तार के लिए मेडिकल कालेज के आसपास जमीन की तलाश कर रहे थे। वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात सलेमपुर उर्फ मुगलपुर निवासी लक्ष्मी टेंट हाउस संचालक राजेंद्र नाथ और उनके बेटों अरुण कुमार, संदीप कुमार व सुनील कुमार से हुई।
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बाप और बेटो ने मिलकर हमीदपुर स्थित एक जमीन दिखाया और सौदा 44 लाख रुपये में तय हुआ, जिसके एवज में उन्होंने 38 लाख 80 हजार रुपये एडवांस के रूप में आरोपितों को दे दिया। इसके बाद सलेमपुर उर्फ मुगलपुर स्थित दूसरी जमीन के लिए 40 लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें पांच लाख 20 हजार रुपये एडवांस के रूप में नकद व बैंक के जरिए भुगतान किया।
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सौदा तय होने के दौरान आरोपितों ने खुद को गौड़ बताते हुए पिछड़ी जाति का बताया था। लेकिन, वर्ष 2023 में जब बैनामा करना हुआ तो खुद को अनुसूचित जाति का बताकर इनकार कर दिया। रुपये वापस मांगने पर आरोपितो ने झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी।
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि गुलरिहा थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है। जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।