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    बिना DAC नहीं मिलेगा रसोई गैस सिलेंडर, इंडियन ऑयल के इस नियम से गोरखपुर में हाहाकार

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 02:41 PM (GMT+05:30)

    गोरखपुर में इंडियन ऑयल ने रसोई गैस सिलिंडर के लिए डीएसी की अनिवार्यता 99% कर दी है, जबकि अन्य शहरों में यह 95% है। इससे उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिलने मे ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. गोरखपुर में इंडियन ऑयल ने डीएसी 99% किया।

    2. अन्य शहरों में डीएसी की अनिवार्यता 95% है।

    3. उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिलने में भारी असुविधा हो रही।

    दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। पार्क रोड निवासी कृष्ण कुमार का रसोई गैस कनेक्शन इंडियन आयल का है। मार्च में डिलीवरी आथेंटिकेशन कोड (डीएसी) के आधार पर सिलिंडर मिलने की व्यवस्था को उन्होंने अपनाया। सिलिंडर मिलने के 25 दिन के बाद मोबाइल फोन से इंडियन आयल के जारी मोबाइल नंबर पर मिसकाल करते और फिर डीएसी आने पर सिलिंडर लेते हैं।

    पिछले महीने 25 दिन पूरा होने के बाद उन्होंने मिसकाल किया लेकिन न तो बुकिंग रेफरेंस नंबर आया और न ही डीएसी। घर में सिलिंडर खत्म होने के बाद एजेंसी पर पहुंचे तो डीएसी मांगा गया। उन्होंने डीएसी न आने की बात कही और बिना डीएसी वाला सिलिंडर देने का अनुरोध किया। एजेंसी मालिक ने बताया कि अब 99 प्रतिशत तक सिलिंडर बिना डीएसी नहीं दिया जा रहा है। कृष्ण कुमार को मायूस होकर वापस जाना पड़ा।

    यह तो आम उपभोक्ता की बात हुई। इंडियन आयल के अधिकारियों द्वारा अपने मन से नियम बनाने के कारण वीआइपी के आने पर भी सिलिंडर का संकट खड़ा हो जा रहा है।

    इंडियन आयल के उप महाप्रबंधक रवि कुमार चंदेरिया ने कहा कि डीएसी 97 प्रतिशत करने के निर्देश हैं। 99 प्रतिशत अभी नहीं किया गया है। कहा कि अन्य जिलों में भी भी डीएसी 95 प्रतिशत से बढ़ाकर 97 प्रतिशत किया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने कहा कि हर व्यवस्था ग्राहकों की सुविधा के लिए बनाई जाती है। इंडियन आयल के अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाएगी।

    डीएम ने दिए हैं 90 प्रतिशत डीएसी के निर्देश

    डीएम दीपक मीणा ने पिछले दिनों तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक में डीएसी की अनिवार्यता 90 प्रतिशत तक ही रखने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, जरूरतमंदों आदि को सिलिंडर मिलने में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके बाद सभी तेल कंपनियों ने डीएसी की अनिवार्यता 95 प्रतिशत की थी। भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम में अभी यह व्यवस्था लागू है लेकिन इंडियन आयल ने इसे 99 प्रतिशत कर दिया।

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    लखनऊ, वाराणसी में 95 प्रतिशत की व्यवस्था
    इंडियन आयल के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने बताया कि अभी डीएसी की अनिवार्यता 95 प्रतिशत ही की गई है। लखनऊ, वाराणसी के साथ ही प्रदेश के सभी बड़े शहरों में यही व्यवस्था लागू है। ऐसे में गोरखपुर में डीएसी की अनिवार्यता 99 प्रतिशत करने पर सवाल उठने लगे हैं।

    बुकिंग के बाद नहीं आ रहा संदेश
    महानगरों में रसोई गैस सिलिंडर लेने के 25 दिन बाद बुकिंग का नियम है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह नियम 45 दिन का है। ग्राहकों का आरोप है कि समयसीमा पूरी होने के बाद बुकिंग कराने पर भी संदेश नहीं आ रहा है। इससे परेशानी हो रही है। जरूरत पर एजेंसी संचालक से सिलिंडर मांगने पर वह डीएसी की अनिवार्यता का हवाला देते हुए सिलिंडर देने से इन्कार कर दे रहे हैं।