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    गोरखपुर में न्यायालय में नौकरी के नाम पर युवक से 10 लाख की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र देकर दिया धोखा

    Updated: Thu, 21 May 2026 08:42 AM (GMT+05:30)

    न्यायालय में नौकरी दिलाने के बहाने एक बेरोजगार युवक से 10 लाख रुपये की ठगी की गई, जिसमें उसे फर्जी नियुक्ति पत्र और प्रशिक्षण भी दिया गया। पीपीगंज पुल ...और पढ़ें

    जालसाज ने दे दिया था फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, रुपये मांगने पर दे रहा धमकी। सांकेतिक तस्वीर

    जालसाज ने दे दिया था फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, रुपये मांगने पर दे रहा धमकी। सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. न्यायालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी

    2. बेरोजगार युवक से 10 लाख रुपये ऐंठे गए

    3. फर्जी नियुक्ति पत्र और प्रशिक्षण भी दिया गया

    संवाद सूत्र, पीपीगंज, गोरखपुर। न्यायालय में नौकरी दिलाने के नाम पर एक बेरोजगार युवक से 10 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। आरोप है कि जालसाज नियुक्ति पत्र भी दे दिया, ज्वानिंग करने के बाद जालसाज ने अपने सहयोगियों से प्रशिक्षण भी कराया।

    इसके बाद उन्हें बताया गया कि नियुक्ति पत्र को फर्जी है और निकाल दिया गया। युवक ने जब रुपये वापस मांगे तो उसे धमकी देकर भगा दिया गया। पीड़ित की तहरीर पर पीपींज थाना पुलिस ने कुशीनगर के संतोष कुमार गौतम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर पांच तिघरा गांव निवासी विजय पांडेय ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह बेरोजगार हैं, उनकी मुलाकात पीपीगंज निवासी अमित रंजन से हुई थी। अमित ने उनकी पहचान कुशीनगर जनपद के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के अंधारीबाग निवासी संतोष कुमार गौतम से कराई। संतोष ने खुद को न्यायालय में सरकारी नौकरी लगवाने वाला बताते हुए कहा कि इसके लिए रुपये खर्च होंगे।

    विजय के अनुसार, आरोपित के झांसे में आकर उन्होंने दिसंबर 2023 से 2024 के बीच एचडीएफसी बैंक खाते और फोन पे के माध्यम से नौ लाख 48 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा 50 हजार रुपये नगद भी दिए। रुपये लेने के बाद आरोपित लगातार नौकरी लगवाने का भरोसा देता रहा। आरोपित ने उनसे बायोडाटा, फोटो और शैक्षिक प्रमाणपत्र भी ले लिए। कुछ समय बाद आरोपित नियुक्ति पत्र और आईकार्ड भेजा।

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    इसके बाद उन्हें प्रयागराज स्थित हाईकोर्ट में ज्वाइन कराने का दावा किया गया। वहां से कैसरबाग कोर्ट में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया, जहां करीब तीन महीने तक ट्रेनिंग कराई गई। बाद में गोमतीनगर स्थित हाईकोर्ट में भेजा गया, लेकिन वहां तीन दिन काम कराने के बाद यह कहते हुए निकाल दिया गया कि उसका नियुक्ति पत्र फर्जी है। वापस आने के बाद जब उसने जालसाज से अपने रुपये वापस मांगे तो पहले टालमटोल किया, बाद में धमकी देने लगा।

    सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर पीपीगंज पुलिस ने संतोष गौतम के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ के लिए पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।