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    गोरखपुर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर 13.25 लाख का बिल, उपभोक्ता के उड़े होश

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 07:56 AM (IST)

    गोरखपुर में इंडियन ऑयल के मुख्य अभियंता पंकज गुप्ता को प्रीपेड मीटर पर 13.25 लाख रुपये का बिजली बिल मिला, जिससे वे हैरान हैं। इस घटना ने बिजली निगम की ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. गोरखपुर में प्रीपेड मीटर पर 13.25 लाख का बिल।

    2. इंडियन ऑयल के मुख्य अभियंता पंकज गुप्ता को मिला बिल।

    3. बिजली निगम की बिलिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बिजली निगम की बिलिंग व्यवस्था पर एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड में मुख्य अभियंता व राप्तीनगर खंड क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता पंकज गुप्ता के चार किलोवाट क्षमता के कनेक्शन पर 13 लाख 25 हजार 897 रुपये और 56 पैसे का बिल आ गया है। यह तब है जब कनेक्शन प्रीपेड है और हर महीने जरूरत के अनुसार रीचार्ज कर बिजली का उपभोग होता है। अब बिल शून्य कराने के लिए उपभोक्ता परेशान हैं।

    पंकज गुप्ता का मिलेनियम सिटी करीमनगर में मकान है। हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के खाद कारखाना में रहने वाले उनके मित्र यहां रहते हैं। बिजली बिल के लिए मीटर रीडर का इंतजार करने और गलत बिलिंग से बचने के लिए पंकज ने वर्ष 2022 में प्रीपेड मीटर का कनेक्शन लिया। इस मीटर में जरूरत के अनुसार बिजली का रीचार्ज कर उपभोग किया जाता है।

    दो दिन पहले पंकज के मोबाइल फोन पर बिजली निगम का संदेश आया। इस संदेश को पढ़कर पंकज के होश उड़ गए। संदेश 13 लाख 25 हजार 897 रुपये और 56 पैसे के बकाया का आया था। पहले तो पंकज को लगा कि उनके प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलकर कहीं ज्यादा बिजली का उपभोग तो नहीं हो रहा है लेकिन बिल में मीटर प्रीपेड ही दर्ज मिला। उन्होंने बिल का ब्योरा निकलवाया तो वर्तमान बिल छह लाख 46 हजार 969 रुपये और 93 पैसे दर्ज मिला।

    बिल में पहले का बकाया छह लाख 78 हजार 927 रुपये और 63 पैसे दर्ज मिला। कनेक्शन की क्षमता चार किलोवाट के सापेक्ष उपभोग तीन किलोवाट का मिला। पंकज कहते हैं कि यदि बिजली निगम ने बकाया जमा कराने के लिए आरसी जारी कर दिया तो कोई कुछ नहीं सुनेगा।

    मार्च में नौ लाख 99 हजार 835 यूनिट खपत
    बिजली निगम की ओर से बनाए गए बिल में किस कदर खामियां रहती हैं इसका उदाहरण पंकज गुप्ता खुद बताते हैं। बिल में पहले के महीने के बिजली उपभोग का विवरण होता है। मार्च में उपभोग नौ लाख 99 हजार 835 यूनिट, सितंबर में नौ लाख 99 हजार 958 यूनिट का दर्ज मिला। इसके अलावा मई में 108 यूनिट की खपत दर्ज है। अप्रैल, जुलाई व अक्टूबर में सिर्फ 14-14 यूनिट की खपत दर्ज है। 29 अप्रैल को 25 सौ रुपये भुगतान की जानकारी भी बिल में है।

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    पोस्टपेड मीटर लगवा लिया
    टाउनहाल के पास के बिजली उपभोक्ता मनोज के परिसर में प्रीपेड मीटर लगाया गया था। वह रीचार्ज कर बिजली का उपभोग करते हैं। एक तरफ वह हर महीने मीटर रीचार्ज करते रहे और दूसरी तरफ उनके बिजली का बिल भी बनता रहा। एक दिन एक लाख रुपये से ज्यादा का बकाया का संदेश आया तो मनोज का ब्लडप्रेशर बढ़ गया। उन्होंने आवेदन कर प्रीपेड मीटर की जगह पोस्टपेड मीटर लगवा लिया। मनोज कहते हैं कि, अब संतुष्टि है।


    प्रीपेड मीटर का कोई बकाया नहीं होना चाहिए। मामला संज्ञान में आया है। उपभोक्ता के मोबाइल फोन पर बकाया का संदेश क्यों आया और बिल में यह कैसे दर्ज किया जा रहा है, इसकी जांच कराई जाएगी। उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

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    -पंकज अग्रवाल, मुख्य अभियंता