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    गोरखपुर रामगढ़ताल हादसे पर सख्ती, प्लेटफार्म नंबर चार और पांच का निरस्त होगा लाइसेंस

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 08:00 AM (IST)

    रामगढ़ताल में दो स्पीड बोटों की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत और कई घायलों के बाद जीडीए ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। प्राधिकरण ने प्लेटफार्म नंबर चार और ...और पढ़ें

    दोनों संचालकों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश, तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेगी जीडीए ओएसडी के नेतृत्व वाली समिति। जागरण

    दोनों संचालकों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश, तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेगी जीडीए ओएसडी के नेतृत्व वाली समिति। जागरण

    HighLights

    1. रामगढ़ताल में स्पीड बोट टक्कर से एक की मौत।

    2. जीडीए ने दो प्लेटफार्मों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की।

    3. संचालकों के खिलाफ एफआईआर और जांच समिति गठित।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रामगढ़ताल में रविवार शाम दो स्पीड बोटों की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के निर्देश पर प्लेटफार्म नंबर चार और पांच के बोट संचालन का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही दोनों संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह ने बताया कि हादसे को गंभीरता से लेते हुए दोनों प्लेटफार्मों के संचालन पर कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण सूत्रों के अनुसार, प्लेटफार्म नंबर पांच से संचालित स्पीड बोट के चालक के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिली थीं।

    आरोप है कि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और लापरवाही की शिकायतों के बावजूद उस समय प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। यदि समय रहते सख्ती बरती गई होती तो रविवार की दुर्घटना को संभवतः टाला जा सकता था । हालांकि यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि टक्कर चार नंबर प्लेटफार्म से संचालित होने वाली फर्म के बोट ने मारी थी।

    उधर, पूरे मामले की जांच के लिए जीडीए उपाध्यक्ष ने ओएसडी प्रखर उत्तम के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की है। समिति को घटना के सभी पहलुओं की जांच कर तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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    जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर स्पीड बोट संचालन करने वाले किसी भी संचालक को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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    घटना दुखादायी है। मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। दोनों बोट के चालकों पर एफआइआर भी दर्ज कराई जा रही है। दोनों बोट संचालकों के लाइसेंस निरस्त किए जा रहे हैं। तीन दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। लापरवाही किसी की भी हो प्राधिकरण कड़ी कार्रवाई करेगा। बोट के रात्रि संचालन को लेकर अनुबंध के समय ही निर्णय हुआ था। इसकी भी जांच कराई जाएगी कि पूर्व में समय के निर्धारण को लेकर क्या निर्णय किए गए थे।

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    - अभिनव गोपाल, उपाध्यक्ष, जीडीए