गोरखपुर में साधु बनकर ठगी, प्रसाद और गंगाजल के नाम पर उड़ाए सोने की अंगूठी और नकदी
गोरखपुर में साधु के वेश में एक जालसाज ने लिफ्ट मांगकर प्रसाद और गंगाजल के बहाने एक युवक से सोने की अंगूठी और नकदी ठग ली। पीड़ित की शिकायत पर बेलीपार थ ...और पढ़ें

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HighLights
साधु के वेश में जालसाज ने युवक से ठगी की।
प्रसाद और गंगाजल के बहाने सोने की अंगूठी, नकदी ली।
बेलीपार पुलिस मामले की जांच कर रही है, ठग फरार।
संवाद सूत्र, बेलीपार, (गोरखपुर)। साधु के वेश में जालसाज ने ठगी की। गोरखपुर से गोला जा रहे एक युवक से लिफ्ट मांगा। फिर प्रसाद और गंगाजल के नाम पर विश्वास जीतकर चमत्कार दिखाते हुए युवक से सोने की अंगूठी और नकदी लेकर फरार हो गया। पीड़ित की तहरीर पर बेलीपार थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सोनवापार निवासी अभय नंदन पांडेय रविवार को अपनी कार से गोरखपुर से गोला जा रहे थे। बेलीपार थाना क्षेत्र के क्योंन्हरा के पास सड़क किनारे खड़े एक साधु ने हाथ देकर वाहन रुकवाया। साधु समय अभयनंदन ने उसे कार में बैठा लिया। कुछ दूर चलने के बाद साधु ने अपने झोले से रुद्राक्ष निकालकर प्रसाद बताया और एक शीशी से गंगाजल बताकर माथे पर लगाने को कहा।
अभय नंदन ने उसकी बात मान ली। करीब डेढ़ किलोमीटर आगे बढ़ने पर साधु ने वाहन रुकवाकर पहले पांच रुपये मांगे तो पीड़ित ने 10 रुपये का सिक्का दे दिया। आरोप है कि साधु ने सिक्के को हथेली पर रगड़कर गेहूं के दाने में बदलने जैसा चमत्कार दिखाया।
इसके बाद उसने सोने की अंगूठी और 100 रुपये मांगे। दोनों वस्तुएं कपड़े में लपेटकर कुछ मंत्र पढ़ने का नाटक किया और कहा कि आगे लगे संकेतक के पास अंगूठी व रुपये मिल जाएंगे। पीड़ित बताए गए स्थान पर पहुंचा तो वहां कुछ नहीं मिला। वापस लौटने पर साधु भी गायब था।
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पूछताछ करने पर आसपास के लोगों ने बताया कि जालसाज दूसरी गाड़ी में बैठकर चला गया। मंगलवार सुबह जीतपुर के पास कुछ साधुओं को देखकर पीड़ित को संदेह हुआ और उसने डायल 112 पर सूचना दी।
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पुलिस संदिग्ध साधुओं को पूछताछ के लिए थाने ले आई, लेकिन पीड़ित ठग की स्पष्ट पहचान नहीं कर सका। थानाध्यक्ष राजकुमार बरवार ने बताया कि तहरीर मिल गई है। संदिग्धों की पहचान, आइडी और वाहन संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। ठगी की पुष्टि होने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।