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    गोरखपुर में शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा, SBI मैनेजर से 42.50 लाख की ठगी

    Updated: Thu, 07 May 2026 11:31 AM (GMT+05:30)

    गोरखपुर में एक एसबीआई मैनेजर को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने 42.50 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने फर्जी निवेश समूहों और ऐप के जरिए ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. एसबीआई मैनेजर से शेयर बाजार के नाम पर ठगी।

    2. साइबर ठगों ने 42.50 लाख रुपये हड़पे।

    3. फर्जी निवेश समूहों और ऐप का इस्तेमाल किया।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शेयर बाजार में अधिक मुनाफा कमाने का लालच एक एसबीआइ मैनेजर को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें अपने जाल में फंसाकर 42.50 लाख रुपये ठग लिए। घटना के बाद पीड़ित कई दिनों तक सदमे में रहे और अब उन्होंने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    एसबीआइ मैनेजर के अनुसार जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में वह वाट्सएप पर बनाए गए दो निवेश समूहों से जुड़े थे। इन समूहों में खुद को विशेषज्ञ बताने वाले लोग शेयर बाजार में भारी मुनाफे का दावा करते थे। रोजाना आनलाइन सत्र आयोजित कर निवेश के टिप्स दिए जाते थे। साथ ही कुछ सदस्य लगातार मुनाफा दिखाकर भरोसा बढ़ाते थे।

    ठगों ने खुद को बड़े निवेश समूहों और विदेशी संस्थागत निवेशकों से जुड़ा बताया। फर्जी दस्तावेज दिखाकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके माध्यम से प्री-ओपन मार्केट में ट्रेडिंग कर अधिक लाभ कमाया जा सकता है। इसके बाद उन्हें एक एप के जरिए ट्रेडिंग खाता खुलवाया गया और निवेश के नाम पर रकम जमा कराई गई।

    शुरुआत में खाते में मुनाफा दिखाया गया, जिससे पीड़ित का विश्वास और मजबूत हो गया। बाद में ठगों ने आईपीओ में निवेश के नाम पर बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। जब पीड़ित ने रुपये निकालने की कोशिश की तो विभिन्न बहाने बनाकर भुगतान टाल दिया गया।

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    कुछ समय बाद आशंका होने पर जांच करने पर पता चला कि जिन कंपनियों और योजनाओं का हवाला दिया जा रहा था, वे पूरी तरह फर्जी थीं। इसके बाद ठगी का खुलासा हुआ।

    साइबर थाना पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधियों द्वारा यह सुनियोजित साइबर ठगी है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितो की तलाश की जा रही है और बैंक खातों के लेनदेन की जांच जारी है।