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    गोरखपुर वासियों को अभी और करना होगा इंतजार, जमीन विवाद ने रोकी ताल रिंग रोड की रफ्तार

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 02:07 PM (IST)

    गोरखपुर की 4.02 किमी लंबी ताल रिंग रोड परियोजना भूमि मुआवजे के विवाद के कारण धीमी पड़ गई है, जिससे इसके पूरा होने में देरी हो रही है। 28.64 करोड़ रुपय ...और पढ़ें

    सहारा एस्टेट से स्मार्टव्हील तक 28.64 करोड़ की डबल लेन परियोजना 55 प्रतिशत पूरी। जागरण

    सहारा एस्टेट से स्मार्टव्हील तक 28.64 करोड़ की डबल लेन परियोजना 55 प्रतिशत पूरी। जागरण

    HighLights

    1. ताल रिंग रोड परियोजना 55 प्रतिशत पूरी हुई।

    2. भूमि मुआवजे के विवाद से निर्माण धीमा।

    3. 28.64 करोड़ की परियोजना में देरी।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर को जाम से राहत दिलाने और रामगढ़ताल क्षेत्र में बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए स्मार्टव्हील शोरूम से सहारा एस्टेट तक बन रही 4.02 किलोमीटर लंबी डबल लेन ताल रिंग रोड परियोजना अभी पूरी होने में समय लेगी। 28.64 करोड़ रुपये की इस परियोजना का करीब 55 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन भूमि मुआवजा विवाद के चलते इसकी रफ्तार प्रभावित हुई है।

    निर्माण एजेंसी ने सड़क की आधारभूत संरचना का अधिकांश काम पूरा कर लिया है। 4200 मीटर के लक्ष्य के मुकाबले 4100 मीटर मिट्टी भराई, 4000 मीटर जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) और 3900 मीटर डब्ल्यूएमएम (वेट मिक्स मैकडम) का कार्य पूरा हो चुका है। बिटुमिनस कंक्रीट की अंतिम परत बिछाई जानी बाकी है।

    परियोजना के तहत 2100 मीटर फुटपाथ और 2200 मीटर रेलिंग का निर्माण भी पूरा हो गया है। सात प्रस्तावित बाक्स कल्वर्ट में से तीन तैयार हो चुके हैं, जबकि शेष पर कार्य जारी है। वहीं 3700 मीटर रिटेनिंग वाल के लक्ष्य के मुकाबले अभी केवल 550 मीटर निर्माण हो सका है।

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    पांचों एयर वाल्व चैंबर तैयार हैं और 51 में से 21 मैनहोल को निर्धारित स्तर तक ऊंचा किया जा चुका है। तीन स्थानों पर प्रस्तावित लीकेज मरम्मत में से दो का काम भी पूरा हो गया है। सुंदरीकरण के तहत 150 डेकोरेटिव लाइट पोल के लक्ष्य के सापेक्ष 84 पोल लगाए जा चुके हैं।

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    प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार कुछ भू-स्वामियों द्वारा मुआवजे को लेकर उत्पन्न विवाद के कारण निर्माण प्रभावित हुआ। शेष कार्यों को तेजी से पूरा कर सड़क को जल्द जनता के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।