गोरखपुर में 150 इलेक्ट्रिक बसों के लिए पांच एकड़ में बनेगा बस अड्डा, दो स्थानों पर भूमि चिह्नित
गोरखपुर में 150 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए पांच एकड़ में आधुनिक बस डिपो बनाया जाएगा। नगर निगम ने एकमुश्त भूमि न मिलने पर सिक्टौर और बसंतपुर म ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
गोरखपुर में 150 नई इलेक्ट्रिक बसों का होगा संचालन।
बसों के लिए पांच एकड़ में बनेगा आधुनिक बस डिपो।
एकमुश्त भूमि न मिलने पर दो जगह जमीन चिह्नित।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। महानगर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त और हाईटेक बनाने के लिए नगर विकास विभाग के स्थानीय निकाय निदेशालय ने एक बड़ी योजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत गोरखपुर शहर में कुल 150 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इन बसों के सुचारू संचालन, चार्जिंग और रखरखाव के लिए शहर में एक आधुनिक बस अड्डे (बस डिपो) का निर्माण होगा।
इस पूरी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से नगर निगम से एकमुश्त पांच एकड़ भूमि की मांग की गई थी। इस मांग के बाद नगर निगम प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। नगर आयुक्त के निर्देश पर भूमि की खोजबीन शुरू कर दी गई है। जमीन के निरीक्षण की जिम्मेदारी अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार को सौंपी गई।
अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सिक्टौर के कोनी इलाके और बसंतपुर क्षेत्र में सरकारी भूमि का गहन निरीक्षण किया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि नगर निगम के पास किसी भी एक स्थान पर एकमुश्त पांच एकड़ जमीन उपलब्ध नहीं है।
एक ही जगह पर पांच एकड़ भूमि न मिलने के कारण नगर निगम ने एक व्यावहारिक रास्ता निकाला है। प्रशासन ने अब दो अलग-अलग स्थानों पर भूमि को चिह्नित किया है, जिन्हें मिलाकर इस बस अड्डे की जरूरत को पूरा किया जाएगा। चिह्नित की गई इन जमीनों की रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली गई है।
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अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने बताया कि भूमि की पैमाइश और उसकी स्थिति से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां जल्द ही क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम को सौंप दी जाएंगी, ताकि आगे की कागजी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा सकें।
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शहर के यातायात व्यवस्था में होगा क्रांतिकारी बदलाव
शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसों के आने से शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा। वर्तमान में शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है, जिसके कारण सार्वजनिक परिवहन पर दबाव बढ़ गया है। इन आधुनिक और वातानुकूलित (एसी) बसों के चलने से आम जनता को बेहद सस्ते, आरामदायक और सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी।
सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को होगा। ये बसें पूरी तरह से इको-फ्रेंडली होंगी, जिससे शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगेगी। इसके साथ ही, नए बस अड्डे के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। परिवहन विभाग और नगर निगम की इस संयुक्त पहल से गोरखपुर बहुत जल्द एक ग्रीन और स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।
150 इलेक्ट्रिक बसों के स्टेशन के लिए पांच एकड़ में बस अड्डा बनेगा। एकमुश्त भूमि नहीं मिलने की स्थिति में शहर के दो स्थानों पर भूमि देखी गई है। जल्द ही संबंधित भूमि क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम को भी दिखा दी जाएगी।
-अतुल कुमार, अपर नगर आयुक्त