गोरखपुर वैभव हत्याकांड: पुलिस ने 13 दिन में चार्जशीट दाखिल की, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बने आधार
पुलिस ने वैभव अपहरण-हत्याकांड में 13 दिन के भीतर विवेचना पूरी कर मुख्य आरोपी कंप्यूटर शिक्षक सर्वेश शर्मा समेत पांच के खिलाफ 35 पन्नों की चार्जशीट दाख ...और पढ़ें

फिरौती के लिए सर्वेश भट्ट पर अपहरण कर हत्या का तो परिवार साजिश में साथ देने का आरोप। जागरण
HighLights
पुलिस ने 13 दिन में वैभव हत्याकांड की चार्जशीट दाखिल की।
मुख्य आरोपी सर्वेश शर्मा ने फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाई।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट अहम सबूत।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। वैभव अपहरण-हत्याकांड में पुलिस ने घटना के 13 दिन के भीतर विवेचना पूरी कर कोर्ट में 35 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने कंप्यूटर शिक्षक और कोचिंग संचालक सर्वेश उर्फ बिट्टू शर्मा को मुख्य आरोपित बनाया है।
इसके अलावा उसके पिता हरिनारायण शर्मा, भाई सत्येंद्र कुमार भट्ट उर्फ जिले एवं 25 हजार रुपये के इनामी सतीश, पत्नी अनामिका शर्मा और बबली शर्मा को आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोपित बनाया गया है।
पुलिस ने मामले की त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी को देखते हुए चार्जशीट में महत्वपूर्ण साक्ष्यों और गवाहों को शामिल किया है। विवेचना के दौरान जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट, बरामदगी और तकनीकी विश्लेषण को आरोपों का आधार बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को चौथी कक्षा का छात्र वैभव स्कूल से घर लौटने के बाद साइकिल लेकर खेलने निकला था। देर शाम तक घर नहीं पहुंचने पर पिता हनुमान वर्मा समेत परिवार के अन्य सदस्य ने उसकी तलाश शुरू की।
इस दौरान उसकी साइकिल और चप्पल मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। मुकदमा दर्ज कर पांच टीमों का गठन किया गया। जांच में सीसीटीवी फुटेज, डाग स्क्वाड और तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई। इसके बाद आरोपित पड़ोसी सर्वेश को गिरफ्तार किया गया।
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विवेचना में पुलिस के सामने आया कि आरोपित पड़ोसी और कोचिंग संचालक कर्ज में डूबा हुआ था। पुलिस का आरोप है कि उसने एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने के उद्देश्य से वैभव के अपहरण की योजना बनाई थी। चार्जशीट के अनुसार, फिरौती मांगने के तरीके तलाशने के लिए इंटरनेट और एआई की मदद ली गई।
पहचान छिपाने के लिए कंबोडिया का वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा गया और रकम लेने के लिए बैंक खाता भी खुलवाया गया। इसके बाद सर्वेश ने वैभव को उपहार देने का लालच देकर अपने साथ ले गया था। रास्ते में बच्चे के शोर मचाने पर उसने सीने पर लात रखकर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को बोरे में भरकर घर के बेसमेंट में छिपा दिया गया। बाद में पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया।
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आत्मसमर्पण के लिए न्यायालय में दी अर्जी
पुलिस ने वैभव हत्याकांड में मुख्य आरोपित समेत पांच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि साजिश के आरोप में उसका एक भाई सतीश भट्ट फरार चल रहा है। कोर्ट की तरफ से उसके विरुद्ध एनबीडब्ल्यू भी जारी हो चुका है। इसके अलावा एसएसपी ने 25 हजार का इनाम भी घोषित किया है।
अधिकारियों का दावा है कि आरोपित की तलाश के लिए पुलिस की आठ टीमे दबिश दे रही है। बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आरोप है कि आत्मसमर्पण के लिए आरोपित सतीश ने कोर्ट में अर्जी दे रखी है।