यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gorakhur News: एम्स में आपरेशन के लिए वसूले जा रहे 30 से 50 हजार रुपये, इस तरह चल रहा दलालों का धंधा
Gorakhpur News एम्स में आपरेशन के लिए 30 से 50 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उसकी कोई रसीद नहीं दी जा रही है। लिगामेंट का आपरेशन कराने वाले रजही के ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गोरखपुर : एम्स में आपरेशन के लिए 30 से 50 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उसकी कोई रसीद नहीं दी जा रही है। लिगामेंट का आपरेशन कराने वाले रजही के अभय चौहान से 47 हजार रुपये लिए गए।
बिहार के सिवान की रहने वाली करिश्मा कुमारी के स्वजन से 50 हजार रुपये जमा कराए गए। उन्हें इसकी रसीद नहीं दी गई। पसली के आपरेशन के लिए बिहार के गोपालगंज के रवि कुमार से 30 हजार रुपये मांगे गए, उन्होंने रसीद पहले मांग ली, इसलिए दलाल चला गया। कहा कि रसीद नहीं मिलती।
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आपरेशन के लिए मांगे 47 हजार रुपये
अभय चौहान के स्वजन सौरभ को डिस्चार्ज होने के समय जो बिल दिया गया, वह 1145 रुपये का था। उसमें बेड चार्ज, आर्थोस्कोपी जांच व अन्य खर्च शामिल थे, लेकिन 47 हजार रुपये का कोई हिसाब नहीं था। ये रुपये उनसे उस समय लिए गए थे जब रोगी आपरेशन थियेटर में चला गया था।

थियेटर के बाहर खड़े स्वजन से आकर दलाल ने बताया कि डाक्टर साहब भेजे हैं और इतने रुपये जमा कर दीजिए। सौरभ ने बताया कि वार्ड में कई रोगी भर्ती हैं, जिनसे रुपये लिए गए हैं। उन्होंने एक रोगी का नंबर दिया, जो करिश्मा कुमारी के स्वजन का था।
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आपरेशन के लिए जमा कराए 50 हजार
उन्होंने बताया कि उन्हें सिर्फ पांच सौ रुपये का बिल दिया गया और 50 हजार आपरेशन के लिए जमा कराए गए। रवि कुमार के स्वजन छोटेलाल ने कहा कि मैंने बिल मांग लिया तो पैसे मांग रहा व्यक्ति चला गया। अभी भी रुपये मांग रहा है, लेकिन बिल देने को तैयार नहीं है।
स्वजन बताते हैं, डाक्टर ही दलालों को मोबाइल नंबर देकर बात करने को कह रहे हैं। मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकतम पांच हजार रुपये आपरेशन के लिए जाते हैं। किसी रोगी के बिल में पांच हजार रुपये का भी उल्लेख नहीं है। उन्होंने बताया कि जो सामान लगते हैं, उसे रोगी को बाहर से लाने को कहा जाता है।