Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भारतीय रेलवे: अब प्वाइंट्समैन को न्यूनतम दो वर्ष की सेवा के बाद मिलेगी पदोन्नति, देशभर के 66,388 लोगों को होगा लाभ

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 08:30 AM (GMT+05:30)

    भारतीय रेलवे ने प्वाइंट्समैन कैडर के पुनर्गठन को लागू किया है, जिससे अब उन्हें न्यूनतम दो वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति मिल सकेगी। यह निर्णय 3 अप्रैल 2 ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. प्वाइंट्समैन को अब दो साल की सेवा पर पदोन्नति।

    2. देशभर के 66,388 प्वाइंट्समैन को मिलेगा इस निर्णय का लाभ।

    3. पुनर्गठन 3 अप्रैल 2026 से होगा प्रभावी, कर्मचारियों में खुशी।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। भारतीय रेलवे के प्वाइंट्समैन को पदोन्नति के लिए इंतजार नहीं करना होगा। अब उन्हें न्यूनतम दो वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति मिल सकेगी। दो साल कार्य करने के बाद 1800 से 1900 ग्रेड पे पर पदोन्नति पा सकेंगे।

    रेलवे बोर्ड ने प्वाइंट्समैन कैडर के बहुप्रतीक्षित पुनर्गठन को लागू कर दिया है। वित्त मंत्रालय की स्वीकृति के बाद जारी आदेशों के अनुसार, यह पुनर्गठन 03 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इससे पूर्वोत्तर रेलवे समेत देशभर के लगभग 66,388 प्वाइंट्समैन को लाभ मिलने की उम्मीद है।

    रेल मंत्रालय के आदेश के अनुसार, आपरेटिंग विभाग के प्वाइंट्समैन कैडर का नया ढांचा चार ग्रेडों में विभाजित किया गया है। संशोधित व्यवस्था में प्वाइंट्समैन ग्रेड-1 (लेवल-5) के लिए 4.54 प्रतिशत, ग्रेड-2 (लेवल-4) के लिए 13.63 प्रतिशत, ग्रेड-थ्री (लेवल-2) के लिए 27.27 प्रतिशत तथा ग्रेड-04 (लेवल-1) के लिए 54.55 प्रतिशत पद निर्धारित किए गए हैं। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पुनर्गठन का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 3 अप्रैल 2026 को प्वाइंट्समैन कैडर में कार्यरत थे।

    ऐसे कर्मचारियों को उच्च वेतन स्तर का लाभ उसी तिथि से देय होगा। यह व्यवस्था भारतीय रेलवे के ओपन लाइन प्रतिष्ठानों तथा प्रोडक्शन यूनिट्स में कार्यरत प्वाइंट्समैन कैडर के नियमित स्थायी पदों पर लागू होगी। इसमें प्वाइंट्समैन-ए, प्वाइंट्समैन-बी, गेटमैन (ट्रैफिक), केबिनमैन, स्विचमैन और लीवरमैन जैसी सभी संबंधित श्रेणियां शामिल रहेंगी। हालांकि, एक्स-कैडर, वर्क-चार्ज्ड तथा अतिरिक्त एवं सुपरन्यूमरेरी पद इस पुनर्गठन के दायरे से बाहर रहेंगे।

    खबरें और भी

    नई व्यवस्था के तहत वर्तमान प्वाइंट्समैन-बी (लेवल-1) को अब प्वाइंट्समैन ग्रेड-04 तथा प्वाइंट्समैन-ए (लेवल-2) को प्वाइंट्समैन ग्रेड-थर्ड के नाम से जाना जाएगा। वहीं ग्रेड-2 (लेवल-4) और ग्रेड-I (लेवल-5) को कैडर में नए पदोन्नति ग्रेड के रूप में शामिल किया गया है।

    यह भी पढ़ें- कांवड़ यात्रा: बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर आज से 11 अगस्त तक वाहनों का आवागमन बंद

    प्वाइंट्समैन ग्रेड-फोर से ग्रेड-थर्ड, ग्रेड-थर्ड से ग्रेड-सेकेंड तथा ग्रेड-सेकेंड से ग्रेड-फर्स्ट में पदोन्नति के लिए वर्तमान में लागू दो वर्ष की न्यूनतम रेजिडेंसी अवधि यथावत रहेगी। इसके अलावा पदोन्नति के बाद वेतन निर्धारण मौजूदा नियमों एवं प्रविधानों के अनुसार किया जाएगा। रेलवे बोर्ड के इस महत्वपूर्ण फैसले से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में खुशी है। कर्मचारी संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

    एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के संयुक्त महामंत्री ओंकार नाथ सिंह का कहना है कि आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्र ने कैबिनेट मीटिंग व रेलवे बोर्ड के साथ स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में इस मुददे को प्रमुखता से उठाया था। लंबे संघर्ष के बाद रेलकर्मियों को कैडर पुनर्गठन का लाभ मिलेगा।