Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चार माह से आतंक मचा रहे तेंदुए को वन विभाग ने पकड़ा, यूपी-बिहार में लोगों ने ली राहत की सांस

    Updated: Sat, 09 May 2026 10:11 AM (IST)

    चार माह से बिहार और यूपी के सीमावर्ती इलाकों में दहशत फैला रहा तेंदुआ आखिरकार रेस्क्यू कर लिया गया। वन विभाग की टीम ने उसे कुशीनगर से पकड़कर गोरखपुर च ...और पढ़ें

    ट्रैंकुलाइजर गन से बेहोश कर पकड़ा गया। जागरण

    ट्रैंकुलाइजर गन से बेहोश कर पकड़ा गया। जागरण

    HighLights

    1. चार माह से दहशत फैला रहा था तेंदुआ।

    2. कुशीनगर से वन विभाग ने किया रेस्क्यू।

    3. तेंदुए को गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर/पिपरासी (पश्चिम चंपारण)। चार माह से बिहार के पिपरासी और सेमरा दियारा क्षेत्र से लेकर उत्तर प्रदेश के रिहायशी इलाकों में दहशत फैलाने वाला तेंदुआ आखिरकार शुक्रवार को रेस्कयू कर लिया गया। कुशीनगर जिले के जटहा बाजार थाना क्षेत्र के पूर्नहा मिश्र गांव से वन विभाग की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया।

    तेंदुए को ट्रैंकुलाइजर गन की मदद से बेहोश कर सुरक्षित पिंजरे में बंद किया गया और बाद में गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद यूपी और बिहार के सीमावर्ती गांवों में लोगों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अनुसार यह तेंदुआ अब तक दियारा क्षेत्र में करीब आधा दर्जन मवेशियों का शिकार कर चुका था। लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था।

    गुरुवार को तेंदुए ने बिहार के पिपरासी पंचायत के मनिया छापर गांव और सौराहा पंचायत के भिलोरवा टोला में दो महिलाओं समेत तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसी दौरान पीपी तटबंध से गुजर रहे नैनहा मंझरिया विद्यालय के शारीरिक शिक्षक सुनील गुप्ता की बाइक से तेंदुआ टकरा गया, जिससे वे घायल हो गए।

    इसके बाद तेंदुआ यूपी सीमा में प्रवेश कर गया और जटहा बाजार थाना क्षेत्र के धूम नगर गांव निवासी उमेश गिरि पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनका इलाज गोरखपुर मेडिकल कालेज में चल रहा है। इसके बाद कठीछपरा गांव में फसल की रखवाली कर रहे रहीम अंसारी भी तेंदुए के हमले में घायल हो गए।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- गोरखपुर में पावर ट्रांसफार्मर ब्रीदर बदले जा रहे, ढाई लाख घरों को मिलेगी निर्बाध बिजली

    लगातार हमलों के बीच तेंदुआ पूर्नहा मिश्र गांव पहुंचा, जहां उसने ललिता देवी, रजली देवी और डुमरा गांव निवासी टून्ना तिवारी पर हमला कर दिया। इसके बाद वह एक झोपड़ी में घुस गया, जहां से ग्रामीणों के शोर के कारण निकलकर रामाधार सिंह के मकान में जा छिपा। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया गया।

    ग्रामीणों की भीड़ और शोरगुल से घबराकर तेंदुआ मकान से निकलकर पास के गन्ने के खेत में भाग गया। सैकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ खेत तक पहुंचे, जिससे वह वहां से भागकर एक पुलिया में छिप गया। ग्रामीणों ने पुलिया के दोनों ओर जाल लगाकर उसे घेर लिया।

    इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश किया और सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद उसे गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र में लंबे समय से फैली दहशत समाप्त हो गई है।