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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: गोरखपुर में माफिया के भाई के इशारे पर प्रापर्टी डीलर के घर चली गोली, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

    Updated: Sun, 30 Mar 2025 03:59 PM (IST)

    गोरखपुर में प्रापर्टी डीलर के घर गोली चलाने के मुख्य आरोपी गौरव पांडेय ने पुलिस कस्टडी रिमांड में बड़ा खुलासा किया है। उसने माफिया विनोद उपाध्याय के भ ...और पढ़ें

    माफिया विनोद उपाध्याय के भाई संजय उपाध्याय के कहने पर फायरिंग की थी। जागरण (सांकेतिक तस्वीर)
    माफिया विनोद उपाध्याय के भाई संजय उपाध्याय के कहने पर फायरिंग की थी। जागरण (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. पुलिस ने बचने के लिए न्यायालय में किया था आत्मसमर्पण
    2. संजय उपाध्याय पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुटी पुलिस

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शाहपुर में प्रापर्टी डीलर के घर चढ़कर गोली चलाने के मुख्य आरोपित गौरव पांडेय ने पुलिस कस्टडी रिमांड में बड़ा पर्दाफाश किया है। शनिवार को शाहपुर थाने में सात घंटे चली पूछताछ के दौरान गौरव ने बताया कि उसने माफिया विनोद उपाध्याय के भाई संजय उपाध्याय के कहने पर फायरिंग की थी। घटना में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन संजय उपाध्याय के पास है। पुलिस ने अब संजय की तलाश तेज कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद ही संजय उपाध्याय और अन्य आरोपितों पर रंगदारी और गोली चलाने का केस दर्ज किया गया था। पहले भी संजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन साक्ष्य के अभाव में छोड़ दिया गया। अब गौरव के बयान के बाद संजय की भूमिका पर फिर से जांच शुरू कर दी गई है।

    पूर्व में भी संजय उपाध्याय की भूमिका कई आपराधिक घटना में सामने आई थी। बसपा सरकार में कौवा बाग चौकी में चढ़कर पुलिसकर्मियों से विवाद करने पर संजय और विनोद उपाध्याय विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद बसपा ने विनोद को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

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    चकमा देकर न्यायालय में किया था आत्मसमर्पण 

    पुलिस को लगातार चकमा देने वाले गौरव पांडेय ने दीवानी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश देती रही, लेकिन वह फरार रहा। गौरव लंबे समय तक विनोद उपाध्याय के साथ ही रहता था।

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    पुलिस ने मामले का खुलासा किया है। जागरण


    यह है मामला:

    18 फरवरी को आरोपित के साथी अंकित पासवान ने श्रीरामपुरम कालोनी में रहने वाले प्रापर्टी डीलर अंकु शुक्ल को डराने के लिए खुद को माफिया विनोद उपाध्याय का भाई बताकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। 19 फरवरी को जावेद नामक व्यक्ति को फोन कर धमकी दी। जब बात नहीं बनी, तो 23 फरवरी को अंबिका पासवान और गौरव पांडेय ने अंकु शुक्ल के घर जाकर फायरिंग करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके।

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    न्यायालय की अनुमति पर गौरव पांडेय को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई जिसमें कई अहम सुराग मिले।संजय उपाध्याय के भूमिका की दोबारा जांच की जा रही है। इसके अलावा जिन लोगों ने गौरव को शरण दी, उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी। - अभिनव त्यागी, एसपी सिटी

    इसके बाद 24 फरवरी को दोनों फिर से एक बाइक पर सवार होकर अंकु शुक्ल के घर पहुंचे। अंबिका ने उनकी कार पर गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पांच मार्च को कार्रवाई करते हुए चरगांवा में रहने वाले अंकित पासवान उर्फ मंटू, अंबिका पासवान, गुलरिहा के रामपुर बुजुर्ग में रहने वाले नितिन मिश्रा, चिलुआताल के करीमनगर पोखर भिंडा में रहने वाले साहिल अली और गुलरिहा के सेमरा नंबर दो निवासी शुभम श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।इनके पास से दो अवैध पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो बोलेरो और एक बाइक बरामद की गई।