यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Railway News: 2027 तक बिछ जाएगी सहजनवां-बांसगांव के बीच रेल लाइन, बनेंगे 12 रेलवे स्टेशन
सहजनवां-बांसगांव के बीच रेल लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। यह रेल लाइन 2027 तक बनकर तैयार हो जाएगी। इस रेल लाइन के बन जाने से गोरखपुर से वाराणस ...और पढ़ें

HighLights
- प्रथम चरण में पूरा होगा सहजनवां-बांसगांव 32.95 किमी लाइन का निर्माण, टेंडर फाइनल
- तीन चरण में पूरा होगा 81.17 किलोमीटर सहजनवां- दोहरीघाट नई रेल लाइन का निर्माण
- 403.29 में 57.19 हेक्टेयर भूमि का हो चुका है अधिग्रहण, शेष के लिए चल रही प्रक्रिया
प्रेम नारायण द्विवेदी, जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे की बहुप्रतीक्षित परियोजना सहजनवां- दोहरीघाट नई रेल लाइन तीन चरणों पूरी होगी। प्रथम चरण में सहजनवां से बांसगांव तक 32.95 किमी लंबी
रेल लाइन वर्ष 2027 तक बिछ जाएगी। मिट्टी भराई, पुलिया निर्माण आदि के लिए टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। दूसरे चरण में बांसगांव से बड़हलगंज तक 36.80 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। तीसरे व अंतिम चरण में बड़हलगंज से न्यू दोहरीघाट तक 11.42 किमी रेल लाइन बिछेगी। कुल 403.29 हेक्टेयर भूमि पर 81.17 किमी लंबी रेल लाइन बिछाने के लिए 1320 करोड़ का बजट स्वीकृत है।
सहजनवां- दोहरीघाट नई रेल लाइन के लिए 112 गांवों की कुल 403.29 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 57.19 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। शेष 346.1 हेक्टेयर भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया तेजी के साथ चल रही है।
प्रथम चरण के लिए सहजनवां से बासगांव के बीच 44.37 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। शेष 103.29 हेक्टेयर भूमि के लिए रेलवे ने 20 ए और ई का प्रकाशन कर दिया है। दूसरे चरण के लिए बांसगांव से बड़हलगंज के बीच 185.78 हेक्टेयर भूमि में 16 हेक्टेयर का 20 ए और ई का प्रकाशन हो चुका है। शेष 74.78 हेक्टेयर भूमि के लिए 20 ए का प्रकाशन कर दिया है।
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तीसरे चरण के लिए बड़हलगंज से न्यू दोहरीघाट के बीच 12.82 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। शेष 30.03 हेक्टेयर भूमि के लिए 20 ए का प्रकाशन हुआ है। रेलवे के स्पेशल प्रोजेक्ट में शामिल होने के बाद नई रेल लाइन के निर्माण की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है।
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ट्रेन की पटरी बिछाने के लिए भूमि का होगा अधिग्रहण। जागरण
जल्द ही भूमि अधिग्रहण पूरी कर ली जाएगी। सहजनवां-दोहरीघाट रेल लाइन के बन जाने से गोरखपुर से वाराणसी, छपरा, प्रयागराज के लिए एक नया रेलमार्ग तैयार हो जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे को एक वैकल्पिक मार्ग भी मिल जाएगा। आने वाले दिनों में गोरखपुर ही नहीं पूर्वांचल के लोगों की राह भी आसान हो जाएगी।
गोरखपुर के दक्षिणांचल के लोगों का आवागमन भी सुगम हो जाएगा। दक्षिणांचल के लोगों को आज भी 50 किमी की दूरी तय करने पर ट्रेन मिलती है। रोजगार सृजन के साथ क्षेत्र का विकास होगा। 17 दिसंबर, 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस नई रेल लाइन को हरी झंडी मिली थी।
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बांसगांव क्रासिंग समेत बनेंगे 12 रेलवे स्टेशन
सहजनवां से दोहरीघाट के बीच नई रेल लाइन पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। बांसगांव इस रेलमार्ग का महत्वपूर्ण क्रासिंग स्टेशन बनेगा। बांसगांव के अलावा सहजनवां, पिपरौली, खजनी, उनवल, बैदौली बाबू, उरुवा बाजार, बनवारपार, गोला बाजार, भरौली, बड़हलगंज और दोहरीघाट स्टेशन शामिल हैं। बांसगांव समेत सभी स्टेशनों के निर्माण की प्रक्रिया भी आरंभ हो चुकी है। सहजनवां और दोहरीघाट में पहले से ही स्टेशन हैं, लेकिन इनका भी विस्तार और कायाकल्प किया जाएगा।
सहजनवां- दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत प्रथम चरण में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कुछ भूमि अधिग्रहीत हो गई है। इस रेलवे लाइन के निर्माण से एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, साथ ही गोरखपुर का दक्षिणांचल क्षेत्र भी रेल मार्ग से जुड़ जाएगा। - पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे
सरयू नदी पर बनेगा रेलवे का सबसे लंबा पुल
सरयू नदी पर सबसे लंबा पुल बनेगा। लगभग 1200 मीटर लंबे पुल के निर्माण की भी प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। इस रेल लाइन पर दो उपरिगामी पुल, 15 अंडरपास, महत्वपूर्ण 11 बड़े पुल तथा 47 छोटे पुल का निर्माण किया जाना है। जानकारों के अनुसार बड़े व छोटे पुलों के अलावा अंडरपास के निर्माण की भी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।