गोरखपुर में मानसूनी वर्षा से हवा हुई साफ, एक्यूआइ में आया सुधार
मानसून की सक्रियता से गोरखपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जुलाई में औसत एक्यूआइ 67 दर्ज किया गया है। वर्षा के कारण धूल और प्रदूषक कण धुलने से ह ...और पढ़ें

जुलाई में 15 दिन के एक्यूआइ का औसत पहुंचा 67 पर। जागरण
HighLights
जुलाई में गोरखपुर का औसत एक्यूआइ 67 रहा।
वर्षा से हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कण धुल गए।
पर्यावरणविदों ने इसे 'वेट डिपोजिशन' प्रक्रिया बताया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मानसून की सक्रियता का सकारात्मक असर हवा की गुणवत्ता पर दिखाई दे रहा है। वर्षा के कारण वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कण धुल रहे हैं, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) में लगातार सुधर रही है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार जुलाई में 15 दिनों का औसत एक्यूआइ 67 दर्ज किया गया है। पर्यावरण विज्ञानी का कहना है कि यदि वर्षा का क्रम ऐसे ही बना रहा तो आगे चलकर काफी सुधार होगा।
पर्यावरणविद डा. गोविंद पांडेय ने बताया कि वर्षा प्राकृतिक रूप से हवा की सफाई करती है। हवा में मौजूद धूल, धुआं सहित विभिन्न सूक्ष्म प्रदूषक वर्षा की बूंदों के साथ भूमि पर आ जाते हैं। इस प्रक्रिया को वेट डिपोजिशन कहा जाता है। इससे हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा कम हो जाती है। सांस लेने के लिए वातावरण अधिक स्वच्छ हो जाता है। साथ ही बादलों और तेज हवाओं के कारण प्रदूषकों की सघन परत भी नहीं बन पाती।
16 जुलाई तक शहर का औसत एक्यूआइ 67 दर्ज किया गया है। मार्च में 76, अप्रैल में 70, मई में 69 और जून में 68 औसत एक्यूआइ दर्ज हुआ था। वायु गुणवत्ता का आकलन आवासीय, व्यवसायिक और औद्योगिक जोन में किया जाता है। आवासीय क्षेत्र के लिए एमएमयूटी परिसर में वास्तविक समय निगरानी केंद्र स्थापित है।
व्यवसायिक क्षेत्र गोलघर और औद्योगिक क्षेत्र गीडा में मैन्युअल तरीके से मापन किया जाता है। जुलाई में आवासीय क्षेत्र का एक्यूआइ 54, व्यवसायिक क्षेत्र का 78 और औद्योगिक क्षेत्र का 128 दर्ज किया गया। तीनों क्षेत्रों का औसत 67 रहा, जो संतोषजनक श्रेणी में शामिल है।
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सहायक वैज्ञानिक पर्यावरण सत्येंद्रनाथ यादव ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गर्मी में नगर निगम की ओर से सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराया गया था। अब वर्षा से धूल और प्रदूषक कण प्राकृतिक रूप से कम हो रहे हैं।
एक्यूआइ का मानक
- 0–50 : अच्छा
- 51–100 : संतोषजनक
- 101–200 : मध्यम
- 201–300 : खराब
- 301–400 : बहुत खराब
- 401–500 : गंभीर