यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
NIA Raid: लारेंस बिश्नोई के शूटर शशांक के दोस्तों की तलाश में गोरखपुर पहुंची एनआइए, करीबियों से की पूछताछ
NIA raid in Gorakhpur मूल रूप से बिहार के रहने वाले शशांक का परिवार गोरखपुर में रह रहा था। पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने से पहले 21 जून को वह ...और पढ़ें

HighLights
- गोरखपुर के सिंघड़िया के आदर्शनगर में रहता था शूटर शशांक का परिवार
- NIA टीम ने दोस्तों व पड़ोसियों से की पूछताछ, आधार कार्ड समेत अन्य कागजात जमा कराए
- पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी आया था शशांक का नाम
गोरखपुर, जागरण संवाददाता। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने गोरखपुर कैंट के सिंघड़िया आदर्श नगर पहुंचकर गैंगस्टर गोल्डी बरार व लारेंस बिश्नोई के शूटर शशांक के बारे में पूछताछ की। उसके दो दोस्तों मालवीयनगर के अमन व शमसुद्दीन से जानकारी लेने के बाद टीम कुशीनगर रवाना हो गई। टीम का मानना है कि पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ने से पहले शशांक 21 जून को गोरखपुर आया था और दोनों दोस्तों से मिला था।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी आया था शशांक का नाम
शशांक मूलरूप से बिहार के पश्चिम चंपारण के मैनाटारा के चुटहा का रहने वाला है। उसके पिता नित्यानंद 10 वर्ष पहले नौकरी की तलाश में गोरखपुर आए और सिघड़िया के आदर्शनगर स्थित बंद पड़ी नमकीन फैक्ट्री को खरीद कर परिवार के साथ रहने लगे। छह वर्ष पहले नित्यानंद की मृत्यु हो गई। इसके बाद शशांक पंजाब चला गया। वहां गोल्डी बरार व लारेंस बिश्नोई से जुड़ा और उनको असलहा सप्लाई करने लगा। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी उसका नाम आया था। 24 जुलाई को पंजाब पुलिस ने शशांक को गिरफ्तार कर उसके पास से आठ पिस्टल बरामद की थी।
टीम ने जमा कराए किराएदारों व मकान मालिक के दस्तावेज
पुलिस सूत्रों के अनुसार एनआइए की टीम मंगलवार की रात दस बजे सिंघड़िया पहुंची और एक मेडिकल स्टोर पर कोरियर देने के बहाने शशांक के मकान का पता पूछा। इसके बाद टीम चली गई और बुधवार भोर में चार बजे शशांक के मकान पर पहुंची। यहां रह रहे चार किराएदारों व मकान मालिक अरविंद यादव के स्वजन से पूछताछ की। उनके आधार कार्ड समेत अन्य कागजात जमा कराए।
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21 जून को दोस्तों से मिलने गोरखपुर आया था शशांक
इसके बाद दोपहर में टीम मालवीयनगर में शशांक के दोस्तों के घर पहुंची। लगभग तीन घंटे पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया कि 21 जून को शशांक मिला था तो उनमें क्या-क्या बातें हुईं। टीम ने इनके भी आधार कार्ड जमा कराए। चर्चा है कि एनआइए टीम कुशीनगर होते हुए शशांक के बिहार स्थित घर भी जाएगी और उसकी मां से पूछताछ करेगी। एनआइए के साथ बिहार पुलिस के अधिकारी भी शामिल थे।
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शशांक ने कई लोगों को बांट रखे हैं रुपये
आदर्शनगर में शशांक के पड़ोसियों का कहना है कि वह तीन भाई है। पिता की मृत्यु के बाद इन तीनों के पास अचानक बहुत रुपये आ गए और कई लोगों को रुपये बांटे भी हैं। पड़ोसियों के मुताबिक शशांक इंटर के बाद पालीटेक्निक की पढ़ाई के लिए मथुरा चला गया। उसकी मां दस माह पूर्व अरविंद यादव को मकान बेचकर गांव चली गई।
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उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब के गैंगस्टर के साथ भी है शशांक का कनेक्शन
तीन भाइयों में सबसे बड़ा भाई विदेश रहता है। दूसरे नंबर का भाई राहुल बस्ती में रहते हुए ठेकेदारी करता है। सूत्रों के अनुसार शशांक का कनेक्शन यूपी के साथ उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब के गैंगस्टर के साथ भी है। बुलंदशहर से एके-47 खरीदने में वह जेल जा चुका है।