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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gorakhpur Circle Rate: गोरखपुर में सर्किल रेट को लेकर आई बड़ी अपडेट, आमजन को मिलेगी बड़ी राहत

    Updated: Wed, 26 Jun 2024 08:17 AM (IST)

    स्टांप राजस्व घटने पर जिन 30 जिलाें के रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने की कार्रवाई हुई है उनमें गोरखपुर भी शामिल है। शासन ...और पढ़ें

    गोरखपुर में संपत्ति का सर्किल रेट बढ़ने के आसार कम है।
    गोरखपुर में संपत्ति का सर्किल रेट बढ़ने के आसार कम है।

    HighLights

    1. गोरखपुर में वर्ष 2016 से नहीं बढ़ रहा है संपत्ति का सर्किल रेट, जमीन-मकान खरीदने वालों को मिलेगी राहत
    2. अधिग्रहण की जद में आने वाले काश्तकारों को लग सकता है झटका, विभाग के लिए भी लक्ष्य पूरा करना होगा मुश्किल

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर में जमीन, मकान खरीदने की तैयारी करने वालाें के लिए राहत भरी सूचना है तो वहीं लक्ष्य का पीछा न कर पाने पर कार्रवाई का सामना कर रहे रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों के लिए मुसीबत। लगातार नौवें साल इस बार भी संपत्ति का सर्किल रेट बढ़ने के आसार कम है।

    मंडल के बाकी जिलों समेत सूबे में एक अगस्त से लागू होने वाले नए सर्किल रेट के लिए सर्वे का काम चल रहा है। वहीं गोरखपुर में कोई सुगबुगाहट तक नहीं है। जिम्मेदार भी चुप्पी साधे हुए हैं। सभी का कहना है कि अभी कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है। शासन से जैसा निर्देश मिलेगा, उसी मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही गोरखपुर में हर साल बड़ी संख्या में विकास परियोजनाएं लांच हो रही हैं। इनमें सर्वाधिक परियोजनाएं सड़कों के चौड़ीकरण के साथ ही जाम से निजात दिलाने के लिए ओवरब्रिज की हैं।

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    वर्तमान समय में भी नया गोरखपुर, औद्योगिक गलियारा, पिपराइच फोरलेन, राप्ती नदी पर पुल जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर काम हाे रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक सरकारी खजाने पर ज्यादा भार न पड़े इसलिए यहां सर्किल रेट में वृद्धि नहीं की जा रही है। यद्यपि, सर्किल रेट नहीं बढ़ने से उन किसानों, काश्तकारों में आक्रोश भी है जिनकी भूमि संबंधित परियोजनाओं के लिए अधिग्रहण के जद में है।

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    सर्किल रेट, सख्ती और चुनाव की वजह से कम हुई आय

    बताया जा रहा है कि चुनाव के साथ ही पिछले आठ साल से सर्किल रेट नहीं बढ़ने, जीडीए की ओर से अवैध कालोनियों को लेकर बरती जा रही सख्ती और चौरीचौरा के साथ ही सदर तहसील में भी सीलिंग की जमीन को लेकर चल रही कार्रवाई की वजह से संबंधित क्षेत्रों की जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक की वजह से वसूली प्रभावित हुई है।