रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज: गैस संकट के बावजूद ट्रेनों में मिलता रहेगा नाश्ता-खाना, IRCTC को मिले ये निर्देश
रेलवे बोर्ड ने गैस संकट के बावजूद यात्रियों को ट्रेन में नाश्ता-खाना उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। अब पेंट्रीकार में इंडक्शन चूल्हे पर 'फ्लेमलेस कुक ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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प्रेम नारायण द्विवेदी, जागरण, गोरखपुर। रेल यात्रियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। गैस संकट के दौरान भी उन्हें सफर में आवश्यकतानुसार नाश्ता व खाना मिलता रहेगा। इस आपातकाल में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड ने पेंट्रीकार में भी नाश्ता व खाना बनाने की अनुमति प्रदान कर दी है।
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के वेंडर पेंट्रीकार के इंडक्शन चूल्हे पर (फ्लेमलेस कुकिंग) नाश्ता और खाना तैयार कर सकेंगे। सुरक्षा को देखते हुए बोर्ड ने ही पेंट्रीकार में नाश्ता और खाना बनाने पर रोक लगाई थी।
पेंट्रीकार में सिर्फ खानपान की सामग्री, चाय व पानी गर्म किया जाता है। इसके लिए इंडक्शन चूल्हे लगाए गए हैं। यात्रियों को दिया जाने वाला नाश्ता व खाना आईआरसीटीसी के बेस किचन में तैयार होते हैं, जिसे गोरखपुर, गोंडा, लखनऊ और बनारस आदि प्रमुख स्टेशनों से ट्रेनों के पेंट्रीकार में चढ़ाया जाता है।
रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (खानपान) ए रंगराजन ने 12 मार्च को भारतीय रेलवे के सभी प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों (पीसीसीएम) और आईआरसीटीसी के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
उन्होंने कहा है कि ऐसी आपातकालीन स्थितियों के दौरान, सभी सुरक्षा उपायों और प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने की शर्त पर, ट्रेनों के पैंट्रीकारों में 'फ्लेमलेस कुकिंग' (बिना आग के खाना पकाना) की अनुमति दी जा सकती है। भारतीय रेलवे स्तर पर ट्रेनों में कैटरिंग सेवाओं के प्रबंधन का दायित्व आईआरसीटीसी को सौंपा गया है।
आईआरसीटीसी को सलाह दी जाती है कि वह उपर्युक्त जनादेश के तहत, ऐसी आपातकालीन स्थितियों के दौरान यात्रियों को अधिकतम संभव सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करें। दरअसल, गैस सिलेंडर के अभाव में आईआरसीटीसी के बेस किचेन के चूल्हे बुझने लगे हैं। एलपीजी गैस के अभाव में नाश्ता व खाना नहीं बन पा रहा। ट्रेनों में यात्रियों को दी जाने वाली खानपान की सुविधा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
यात्रियों को स्टेशनों व ट्रेनों में मिलता रहेगा 'रेल नीर'
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यात्रियों को स्टेशनों व ट्रेनों में 'रेल नीर' मिलता रहेगा। क्षेत्रीय रेलवे 'रेल नीर' की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (खानपान) ने स्टेशनों पर पैकेटबंद पेयजल की यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि 'रेल नीर' की आपूर्ति में कोई कमी आती है, तो मौजूदा निर्देशों के ढांचे के अंतर्गत, क्षेत्रीय रेलवे द्वारा स्टेशनों पर अन्य अनुमोदित ब्रांडों की पर्याप्त मात्रा में पैकेटबंद पेयजल की बोतलों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
टूरिस्ट सर्किट ट्रेनों में रेलवे द्वारा उपयुक्त ट्रेन हाल्ट पर आवश्यक पावरकार सहायता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पर्यटकों को दी जाने वाली सेवाओं में भी कोई व्यवधान न हो।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने पेट्रोलियम मंत्रालय को लिखी चिट्ठी
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने बेस किचन में गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने आईआरसीटीसी के बेस किचन (रसोई घरों) के लिए एलपीजी की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
कहा है कि बेस किचन में एलपीजी की आवश्यकता होती है। आईआरसीटीसी के माध्यम से ट्रेनों और स्टेशनों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भोजन की आपूर्ति की जाती है। आवश्यकताओं के अनुसार, रसाईघरों में एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाए। गोरखपुर में आईआरसीटीसी के तीन बेस किचन चल रहे हैं। 11 बेस किचन बनाए जाने हैं।
वंदे भारत ट्रेनों में उपलब्ध रहेगा 'रेडी टू ईट'
वंदे भारत ट्रेनों में 'रेडी टू ईट' नाश्ता व भोजन उपलब्ध होगा। आईआरसीटीसी ने इसका प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। दरअसल, वंदे भारत में अलग से पेंट्रीकार नहीं हाेती। इस ट्रेन में मिनी पेंट्रीकार होती है।
मिनी पेंट्रीकार में नाश्ता, खाना, चाय व पानी गर्म किया जाता व रखा जाता है। जब बेस किचन से नाश्ता व भोजन नहीं मिलेगा तो आईआरसीटीसी यात्रियों को मिनी पेंट्रीकार के माध्यम से यात्रियों को 'रेडी टू ईट' नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराएगा।