गोरखपुर सबरंग: रामगढ़ताल किनारे रोशनी, संगीत और संस्कृति का नया पड़ाव
गोरखपुर के रामगढ़ताल पर 'नया सवेरा' परिसर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, और अब इसके फेज-दो में अत्याधुनिक साउंड एंड लाइट शो व म्यूजिकल फाउंटेन लगाने की त ...और पढ़ें

फेज-एक का साउंड एंड लाइट शो बना शहर की शामों की पहचान, हर दिन जुटती है भीड़। जागरण
HighLights
रामगढ़ताल नया सवेरा फेज-2 में साउंड एंड लाइट शो।
10 करोड़ से अधिक का म्यूजिकल फाउंटेन प्रोजेक्ट।
गोरखपुर बनेगा पूर्वांचल का प्रमुख पर्यटन केंद्र।
अरुण कुमार मुन्ना, गोरखपुर। शहर की बदलती पहचान में अगर किसी स्थान ने सबसे तेजी से लोगों के दिलों में जगह बनाई है, तो वह रामगढ़ताल का ‘नया सवेरा’ परिसर है। शाम ढलते ही यहां रंगीन रोशनी, मधुर संगीत और पानी की सतह पर उभरती सांस्कृतिक झलकियां ऐसा दृश्य रचती हैं, जो शहरवासियों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी देर तक बांधे रखती हैं।
अब इसी आकर्षण को एक कदम आगे ले जाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। नया सवेरा फेज-दो में भी अत्याधुनिक साउंड एंड लाइट शो और म्यूजिकल फाउंटेन स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, जिस पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। फेज-दो की लंबाई करीब 1700 मीटर है, जहां साउंड एंड लाइन शो के तौर पर पर्यटकों के लिए एक नए अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
रामगढ़ताल के किनारे स्थित नया सवेरा फेज-एक आज शहर की शामों का सबसे जीवंत ठिकाना बन चुका है। यहां संचालित साउंड एंड लाइट शो केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि गोरक्षनगरी की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक वैभव और ऐतिहासिक पहचान को भी रोशनी और संगीत के माध्यम से जीवंत करता है।
पानी की लहरों पर गिरती लेजर किरणें, संगीत की धुनों के साथ तालमेल बैठाते दृश्य और खुले आसमान के नीचे बैठकर इस अनुभव को महसूस करना, लोगों के लिए किसी छोटे पर्यटन उत्सव से कम नहीं। स्थानीय परिवारों से लेकर युवा और बाहर से आने वाले पर्यटक तक इसे शहर की ''जरूर देखने वाली जगह'' मानने लगे हैं।
खबरें और भी
रामगढ़ताल केवल एक ताल नहीं, बल्कि गोरखपुर की बदलती शहरी तस्वीर का प्रतीक बनता जा रहा है। नौकायन, वाकवे, खुले मनोरंजन स्थल और शाम की रोशनी से सजे ताल ने इसे पूर्वांचल के प्रमुख आकर्षणों में शामिल कर दिया है।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर में हर होटल-ढाबे पर क्यूआर कोड, ग्राहक कर सकेंगे ऑनलाइन शिकायत
यही वजह है कि अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण नया सवेरा फेज-दो को और अधिक आधुनिक रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। योजना के मुताबिक यहां म्यूजिकल फाउंटेन, सिंक्रोनाइज्ड लेजर लाइटिंग, आधुनिक साउंड सिस्टम और आकर्षक विजुअल इफेक्ट्स लगाए जाएंगे, ताकि हर शाम पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव में बदल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक पर्यटन अब केवल घूमने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ''अनुभव आधारित पर्यटन'' तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसी सोच के अनुरूप नया सवेरा फेज-02 को विकसित किया जा रहा है, जहां लोग केवल ताल की खूबसूरती देखने नहीं, बल्कि संगीत, रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुति का अनुभव लेने आएंगे।
प्राधिकरण जल्द ही परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप हुआ, तो आने वाले समय में रामगढ़ताल केवल गोरखपुर की शान नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल का ऐसा पर्यटन केंद्र बन सकता है, जहां हर शाम रोशनी, संगीत और संस्कृति मिलकर एक नया ''नया सवेरा'' रचें।