Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हमीरपुर पुल हादसे का रूह कंपाने वाला खौफनाक मंजर, भारी भरकम स्लैब में दबे रहे शव, उजड़ गए 6 हंसते-खेलते परिवार

    Updated: Fri, 29 May 2026 08:19 PM (IST)

    Hamirpur Bridge Collapse: हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई, जिससे उनके परिवार उजड़ गए। हादसा रात 12:30 बजे हु ...और पढ़ें

    पोस्टमार्टम हाउस में रोती बिलखती मृतक गार्ड राजेश पाल की पत्नी अनीता व अन्य स्वजन। जागरण

    पोस्टमार्टम हाउस में रोती बिलखती मृतक गार्ड राजेश पाल की पत्नी अनीता व अन्य स्वजन। जागरण

    HighLights

    1. हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत

    2. रात में हुए हादसे में कई परिवार हुए तबाह, चीख-पुकार

    3. पुल की गुणवत्ता और निर्माण मानकों पर उठे गंभीर सवाल

    जागरण संवाददाता, हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में गिरे निर्माणाधीन पुल का खौफनाक मंजर रूह कंपा देने वाला है। रात साढ़े 12 बजे गिरे पुल के मलबे में सुबह तक दो गार्डों समेत छह लोगों के शव दबे रहे। हंसते खेलते छह परिवार उजड़ गए। परिवारवालों की चीख पुकार से घटनास्थल पर मौजूद हर किसी का कलेजा कांप उठा।

    मोराकांदर गांव के पास बेतवा नदी में निर्माणाधीन पुल गुरूवार की रात साढ़े 12 बजे गिर गया। पुल की सटरिंग, स्लैब और कोठी भरभराकर गिर गई, जिसके नीचे काम कर रहे मजदूर जिंदा दफन हो गए। हादसे में अब तक छह मजदूरों की मौत की मौत हुई जबकि तीन मजदूर बाल बाल बचे। 

    lokendra Hamirpur Bridge Collapse

    घर में सबसे छोटा व अविवाहित था लोकेंद्र

    बेतवा नदी में निर्माणाधीन पुल हादसे में जनपद बांदा के चिल्ला गांव निवासी राधेश्याम निषाद का 22 वर्षीय पुत्र लोकेंद्र परिवार में तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पिता राधेश्याम ने बताया कि उसके तीनों बेटे मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। जिसमें बड़े बेटे पुष्पेंद्र व पुष्पराज गांव में ही मजदूरी करते हैं। लोकेंद्र की शादी नहीं हुई थी। वह बीते फरवरी माह में मजदूरी करने यहां आया था। सूचना पर हमीरपुर पहुंचे स्वजन बेहाल है।

     Kuldeep

     

    पांच भाइयों में चौथे नंबर का था कुलदीप

    बांदा जिले के चिल्ला गांव निवासी 20 वर्षीय कुलदीप निषाद पुत्र प्रेमचंद्र निषाद नौ फरवरी को मोराकांदर परसनी में बेतवा नदी में बन रहे पुल में मजदूरी करने के लिए भूरागढ़ निवासी सुपरवाइजर जय सिंह के कहने पर आया था। मृतक कुलदीप पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। वह अविवाहित था सुपरवाइजर जय सिंह ने बताया कि कुलदीप के गांव से सात आठ लोग काम करने आये थे। कुलदीप के भाई दिलीप, छोटे, संदीप व पंकज भी परिवार की स्थिति अच्छी न होने के कारण मजदूरी कर भरण पोषण करते हैं।

    खबरें और भी

     Hamirpur Bridge Collapse

    दो भाई व सात बहन थे सावंत यादव

    बांदा के थाना मटौंध क्षेत्र के भूरागढ़ गांव निवासी सोबरन सिंह यादव का 30 वर्षीय पुत्र गंगाचरण उर्फ सावंत यादव मजदूरी करने के लिये बांदा से हमीरपुर आया था। दूसरा भाई राजीव यादव भी बाहर रहकर मजदूरी करता है। सात बहनों की शादी होने के कारण घर पर मां विमला व पिता सोबरन अकेले रहते हैं। घटना की सूचना पर मां व पिता रो रोककर बेहाल है।

     Hamirpur Bridge Collapse

    तीन दिन पूर्व काम पर आया था सभाजीत यादव

    बांदा के थाना मटौंध क्षेत्र के भूरागढ़ गांव 20 वर्षीय सभाजीत यादव पुत्र नीलकंठ यादव अपने घर से बीती 26 मई को ही काम पर आया था। बीती रात उसकी यह तीसरी ड्यूटी थी। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। जो परिवार की स्थिति को देखते हुये अपने पिता का हांथ बंटाने के लिये मजदूरी करता था। पिता ने बताया कि उसके दो छोटे भाई अमन व अमित व मां शोभा सहित हादसे की जानकारी मिली तो स्वजन रो रोककर बेहाल है।

    Hamirpur Bridge Collapse


    अकेला कमाने वाला था राजेश,चार बेटियों की थी जिम्मेदारी

    ललपुरा थाना क्षेत्र के बहदीना अछपुरा गांव निवासी 42 वर्षीय राजेश पाल पुत्र सभाजीत पाल मोराकांदर गांव में बेतवा नदी में निर्माणाधीन पुल में करीब एक वर्ष से गार्ड की नौकरी कर रहा था। गुरुवार की रात भी वह ड्यूटी पर था। मृतक दो भाई थे छोटे भाई अवधेश ने बताया कि राजेश की चार बेटी 18 वर्षीय शिवानी, 16 वर्षीय रेखा, 14 वर्षीय पिंकी व 12 वर्षीय प्रियांशी है। जो अभी पढ़ रही है उसके पास जमीन न होने से मजदूरी करके ही परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी पत्नी अनीता, मां कल्ली व बेटियों का रो रोकर बेहाल है।

     pushpendra


    भाई के साथ गनमैन था पुष्पेंद्र

    ललपुरा थाना क्षेत्र के स्वासा खुर्द गांव निवासी 34 वर्षीय पुष्पेंद्र पुत्र राजेंद्र सिंह गार्ड की ड्यूटी करता थे। मृतक के पिता ने वह दोनों बेटे बालेंद्र व पुष्पेंद्र के साथ गार्ड की ड्यूटी करते थे। पिता राजेंद्र ने बताया कि गुरुवार की रात पुष्पेंद्र बंदूक के साथ गार्ड की ड्यूटी पर था। और इस दुर्घटना में उसकी जान चली गयी। छोटा बेटा रावेंद्र दिल्ली में काम करता है। तथा बड़े व छोटे बेटे की शादी हो गयी थी। तथा छोटे बेटे रावेंद्र ने ही मंझले भाई पुष्पेंद्र की शादी तय करा दी थी। लेकिन शादी की तिथि तय नहीं हुई थी।

     

    यह भी पढ़ें- हमीरपुर पुल हादसा: पिलर का टूटना खड़े कर रहा गुणवत्ता पर सवाल, 6 मौत का कौन जिम्मेदार; क्या बिना मानक के खड़ा हुआ पुल?

    यह भी पढ़ें- मौत का 'ट्रैक रिकॉर्ड'! बिहार और हमीरपुर के बाद कानपुर पुल का काम भी विवादित कंपनी को, क्या सुरक्षित होगा सफर?