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Viral Video पर दिखा SDM भाई का चेहरा तो गाजीपुर से हमीरपुर पहुंच गई बहन, छलकी आंखें, जानें बहन के इस अटूट रिश्ते की कहानी

Published: Sat, 29 Aug 2026 08:46 PM (IST)

गाजीपुर की लक्ष्मीना ने एक वायरल वीडियो में अपने मुंहबोले भाई एसडीएम अभिषेक कुमार को देखकर हमीरपुर पहुंचकर राखी बांधी। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. वायरल वीडियो देख बहन लक्ष्मीना हमीरपुर पहुंची

  2. एसडीएम अभिषेक कुमार को राखी बांधकर रिश्ता निभाया

  3. एसडीएम ने 2022 में बहन की समस्या सुलझाई थी

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। चार साल बाद अपने मुंहबोले भाई को इंटनेरट मीडिया में प्रचलित वीडियो में देख उसके घर पहुंची बहन ने राखी बांधकर भाई बहन के रिश्ते को निभाते हुए खुशी के साथ रक्षाबंधन मनाया। मुंहबोली बहन को घर में देख सदर एसडीएम अभिषेक कुमार भी आश्चर्यचकित रह गए है और उनकी आंखों में आंसू छलक आए।

गाजीपुर जिले के जरगो गांव निवासी लक्ष्मीना की सदर एसडीएम अभिषेक कुमार से पहली मुलाकात गाजीपुर में वर्ष 2022 में हुई थी। आंखों में आंसू और हाथों में शिकायती पत्र लेकर जब वह एसडीएम के समक्ष पहुंची और अपनी समस्या बताई तो एसडीएम अभिषेक कुमार ने उनकी समस्या का समाधान भी कराया। लक्ष्मीना ने तभी से उन्हें अपना मुंहबोला भाई मान लिया।

रक्षाबंधन पर लक्ष्मीना राखी लेकर उनके पास पहुंच गई और राखी बांधने का अनुरोध किया। जिस एसडीएम ने एक बहन की बात को रखते हुए खुशी के साथ अपनी कलाई में राखी बंधवाई तब से यह रिश्ता और भी ज्यादा मजबूत हो गया। इसके बाद एसडीएम अभिषेक कुमार के अन्य कई जिलों में तबादले हुए। वर्तमान में अभिषेक कुमार एसडीएम सदर के रूप में तैनात हैं। इन चार वर्षों में लक्ष्मीना से एसडीएम का नंबर खो गया था। जिससे वह चार वर्षों से उनसे नहीं मिल पाई थी।

बीती 11 अगस्त को चंदूपुर गांव के ग्रामीणों के द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान जब एसडीएम अभिषेक कुमार ग्रामीणों को समझा रहे थे तो उसका वीडियो प्रचलित हुआ। यह वीडियो गाजीपुर की लक्ष्मीना ने भी देखा और फिर क्या था उसकी आंखों में आंसू आ गए और वह अपने भाई से मिलने के लिए उत्सुक हो गई और उसने हमीरपुर आकर अपने मुंहबोले भाई एसडीएम सदर अभिषेक कुमार को राखी बांधकर अपनी बहन होने का फर्ज निभाया।

वहीं बहन के इस प्यार को देख एसडीएम सदर भी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक आए। एसडीएम सदर अभिषेक कुमार ने बताया कि उनकी बहन विदेश में है। लेकिन इस बहन ने आकर उनके रक्षाबंधन के पर्व को पूरा कर दिया।

छह साल की समस्या को दो दिन में निपटाया

एसडीएम सदर अभिषेक कुमार ने बताया कि लक्ष्मीना छह वर्ष से वरासत के लिए परेशान थी। जब वह उनके पास प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची तो उन्होंने दो दिन में समस्या का समाधान करा दिया। उन्होंने तहसीलदार को मौके पर भेजकर जांच कराई और सचिव की रिपोर्ट के बाद खतौनी के कागज लक्ष्मीना को सौंपे। जिसके बाद से यह रिश्ता बन गया।

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