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    हापुड़ में डीएम का एक्शन, लापरवाही और वीसी से पहले दफ्तर छोड़ने पर जिला पूर्ति अधिकारी को नोटिस

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 02:43 PM (GMT+05:30)

    हापुड़ की जिलाधिकारी कविता मीना ने जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा बालियान को बिना अनुमति कार्यालय छोड़ने और जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर ...और पढ़ें

    डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को जारी किया नोटिस। फोटो: ़

    डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को जारी किया नोटिस। फोटो: ़

    HighLights

    1. जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया

    2. बिना अनुमति कार्यालय छोड़ने और जनशिकायतों में लापरवाही का आरोप

    3. संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई

    जागरण संवाददाता, हापुड़। प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और जनसुनवाई की शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी कविता मीना ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है।

    इसी क्रम में जिला पूर्ति अधिकारी डा. सीमा बालियान को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। नोटिस में बिना पूर्व अनुमति कार्यालय से समय से पहले जाने और जनशिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने को गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है।

    वीडियो कांफ्रेंसिंग से पहले कार्यालय छोड़ने पर सवाल

    जिलाधिकारी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, 20 जुलाई को शाम करीब साढ़े चार बजे मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक की वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई थी। बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में जिले की प्रदेश स्तर पर 75वीं रैंक सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होनी थी।

    इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। जब बैठक के दौरान उनसे संपर्क किया गया तो पता चला कि वह कार्यालय से जा चुकी थीं।

    नोटिस में कहा कि उन्होंने निर्धारित समय से पहले कार्यालय छोड़ने की कोई अनुमति नहीं ली थी, जो सरकारी सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है। जिला पूर्ति अधिकारी को समय की पाबंदी और कार्यालय में नियमित उपस्थिति को लेकर पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं।

    इसके बावजूद उनके कार्य व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं आया, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हो पा रहा है।

    जनसुनवाई की शिकायत के निस्तारण में भी बरती लापरवाही

    दूसरा मामला 21 जुलाई को आयोजित जनसुनवाई से जुड़ा है। मोहल्ला इंद्रगढ़ी के रहने वाले इशरत बेगम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राशन डीलर पूरन मल आनंद कई महीनों से उन्हें राशन नहीं दे रहा है और उनके दिव्यांग पति के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।

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    शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल पीड़ित परिवार को राशन उपलब्ध कराने और संबंधित डीलर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शिकायत का निस्तारण नहीं कराया गया और न ही संबंधित राशन विक्रेता के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

    निर्धारित अवधि के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर जिला पूर्ति अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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