हापुड़ में कांवड़ यात्रा की कड़ी सुरक्षा, 300 किमी के रूट पर 56 संवेदनशील स्थान चिह्नत; चप्पे-चप्पे पर पहरा
श्रावण मास में हापुड़ से गुजरने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान 56 संवेदनशील स्थानों पर शांति और सुरक्षा बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। ...और पढ़ें

सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेते अधिकारी। फोटो: जागरण
HighLights
हापुड़ में 56 संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा चुनौती
20-25 लाख कांवड़ियों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
सीसीटीवी, ड्रोन से निगरानी; शराब-मांस दुकानें बंद
केशव त्यागी, हापुड़। श्रावण मास शुरू होते ही जिले में शिवभक्ति का रंग पूरी तरह चढ़ने लगेगा। हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लेकर लौट रहे लाखों कांवड़ियों की आवाजाही से राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख मार्ग भगवामय हो जाएंगे।
बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर होगा। वहीं दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन के लिए यह यात्रा किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है।
जिले के लगभग 300 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर चिन्हित 56 संवेदनशील स्थानों पर शांति, सौहार्द और सुरक्षा बनाए रखना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा।
कांवड़ यात्रा के दौरान हर वर्ष 20 से 25 लाख श्रद्धालु जिले से होकर गुजरते हैं। ऐसे में किसी भी छोटी घटना के बड़े विवाद का रूप लेने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
जिले से गुजरने वाले कांवड़ मार्ग धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाते हैं। इस मार्ग पर कुल 60 मंदिर, 69 मस्जिद, 150 शराब एवं बीयर की दुकानें, 99 होटल तथा 237 मीट-मांस की दुकानें स्थित हैं।
पुलिस ने इनमें से 56 स्थानों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है, जहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इन स्थानों पर पुलिस, पीएसी, सिविल डिफेंस के जवानों और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
यात्रा के दौरान शराब और मांस की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रमुख धार्मिक स्थलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय रणनीति
यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कराई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे कांवड़ मार्ग की निगरानी की जा रही है।
स्थानीय चौकीदारों, बीट पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों को भी सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल अधिकारियों तक पहुंच सके।
पिछले पांच वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई घटनाओं का रिकार्ड खंगाला गया है। जिन लोगों की गतिविधियां पहले संदिग्ध रही हैं या जो कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर चुके हैं, उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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चिन्हित सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस बल, पीएसी, सिविल डिफेंस और स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पिछले वर्षों की घटनाओं का विश्लेषण कर संवेदनशील व्यक्तियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांतिपूर्ण यात्रा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।- कुंवर ज्ञानंजय सिंह, पुलिस अधीक्षक
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