ऑपरेशन के दौरान पेट में छोड़ दिया था तौलिया, दो महिला डॉक्टरों पर लगा ₹17 लाख का जुर्माना
हापुड़ उपभोक्ता आयोग ने ऑपरेशन में लापरवाही के लिए दो महिला डॉक्टरों पर 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना एक महिला के पेट में तौलिया छोड़ ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
हापुड़ आयोग ने डॉक्टरों पर 17 लाख का जुर्माना लगाया।
ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में तौलिया छोड़ा गया।
पीड़ित महिला को मिला न्याय, क्षतिपूर्ति का आदेश।
जागरण संवाददाता, (पिलखुवा) हापुड़। ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में तौलिया (गाज) छोड़ देने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग हापुड़ ने दो महिला डॉक्टरों को बड़ी राहत राशि अदा करने का आदेश दिया है।
आयोग ने शिकायतकर्ता को उपचार पर हुए खर्च और मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षति के लिए कुल 17 लाख रुपये सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के निर्देश दिए हैं। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष भोपाल सिंह तथा सदस्य संतोष रावत और राजीव कुमार सिंह की पीठ ने मीना पत्नी नियाज अहमद की शिकायत पर यह फैसला सुनाया।
ऑपरेशन के बाद महिला के पेट में हो रहा था दर्द
शिकायतकर्ता ने आयोग में दायर वाद में बताया गया कि वह गर्भवती थी और 26 फरवरी 2014 को रामा हॉस्पिटल में डॉ. मोनिका और डॉ. रेणुका द्वारा उसका ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद उसके पेट में लगातार दर्द बना रहा। उसने कई बार दोनों डॉक्टरों से शिकायत की, लेकिन कोई संतोषजनक उपचार या समाधान नहीं मिला।
इसके बाद महिला ने दूसरे अस्पताल में जांच कराई। एक्स-रे में पता चला कि ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में गाज/कपड़ा रह गया था। बाद में दूसरे अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन कराया गया, जिसमें पेट से तौलिया निकाला गया। शिकायतकर्ता के अनुसार इस उपचार पर करीब 1.70 लाख रुपये खर्च हुए।
महिला ने यह राशि वापस दिलाने के लिए डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन समाधान नहीं होने पर एक अगस्त 2018 को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
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आयोग ने उपचार पर हुए 1.70 लाख रुपये वापस दिलाने के साथ ही मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक क्षति के लिए कुल 17 लाख रुपये सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दोनों डाक्टरों के विरुद्ध पारित किया। इस मामले में रामा अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. राहुल का कहना है कि अभी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। अदालत का आदेश मिलने के बाद ही कुछ कह पाना संभव होगा।