हापुड़ में तेंदुए की आहट पर अलर्ट... कांवड़ मार्ग पर हर कदम रहेगी वन विभाग की नजर
हापुड़ में तेंदुए के लगातार दिखने से कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर वन विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने कांवड़ मार्ग पर जागरूकता ...और पढ़ें

प्रभागीय वन अधिकारी गौतम सिंह।
HighLights
कांवड़ मार्ग पर तेंदुए के खतरे से निपटने की तैयारी।
वन विभाग ने सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
जागरूकता बैनर, चौकियां और टीमें तैनात की जाएंगी।
हर्ष अग्रवाल, हापुड़। तेंदुए के लगातार दिखने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है, ऐसे में माह के अंतिम सप्ताह में श्रावण मास का महीना शुरू होने वाला है। बृजघाट में दूर-दराज से लाखों की संख्या में कांवड़िए आते हैं। इसके बाद कांवड़िए जल उठाकर शिवरात्रि पर अपने-अपने स्थानों पर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इन दिनों सिंभावली इलाके में तेंदुए के देखे जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिन क्षेत्राें से कांवड़ मार्ग जंगल या वन क्षेत्र के समीप होकर निकलता है और जहां तेंदुए की गतिविधियां पहले सामने आ चुकी हैं, वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का प्लान तैयार किया गया है। कांवड़ियों को सतर्क करने के लिए हर चार किलोमीटर की दूरी पर जागरूकता एवं चेतावनी संबंधी बैनर लगाए जाएंगे।
जिन स्थानों पर तेंदुए का आवागमन ज्यादा रहता है, वहां अस्थायी वन चौकियां स्थापित की जाएंगी। इन चौकियों पर वन कर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा पूरे कांवड़ मार्ग पर नियमित गश्त भी कराई जाएगी, ताकि किसी भी वन्यजीव की गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
विशेष टीम को किया जाएगा तैनात
कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष रूप से पांच सदस्यीय प्रशिक्षित टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी करेगी और तेंदुए या अन्य वन्यजीव के दिखने की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी। टीम स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ भी समन्वय बनाए रखेगी।
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तेंदुआ या अन्य वन्यजीव दिखने पर दें सूचना
कांवड़ मार्ग सहित अन्य रास्तों पर तेंदुआ या कोई भी वन्यजीव दिखाई दें तो, न तो घबराएं और न ही उसे घेरने या भगाने का प्रयास करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें। जिससे समय रहते जानवरों को पकड़कर उचित स्थान पर छोड़ा जा सके।
बोले जिम्मेदार
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसी उद्देश्य से वन विभाग ने यह विशेष सुरक्षा एवं जागरूकता योजना तैयार की है। बैनरों पर संबंधित अधिकारियों के नंबरों को भी दर्शाया जाएगा, जिससे कांवड़िए उनसे संपर्क कर सकें। - गौतम सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी
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