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    हापुड़ में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए दो पिंजरे, गूलर के पेड़ों पर बांधे गए लाल कपड़े

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 05:06 PM (IST)

    हापुड़ में आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए वन विभाग ने तेंदुए से सुरक्षा की तैयारी की है। तेंदुए की अधिक आवाजाही वाले दो स्थानों पर पिंजरे लग ...और पढ़ें

    कांवड़ मार्ग पर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने लगाए दो पिंजरे।

    कांवड़ मार्ग पर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने लगाए दो पिंजरे।

    HighLights

    1. कांवड़ यात्रा के लिए तेंदुए से सुरक्षा की तैयारी।

    2. तेंदुए की आवाजाही वाले दो स्थानों पर पिंजरे लगाए।

    3. गूलर के पेड़ों पर लाल कपड़े बांधे, कांवड़ सुरक्षा।

    संवाद सहयोगी, हापुड़। आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए वन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली हैं। गढ़ क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक ज्यादा होने के चलते वन विभाग ने उन दो स्थानों को चिन्हित किया है, जहां सबसे ज्यादा तेंदुए का आवागमन हुआ है। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि उन दो स्थानों पर दो पिंजरे लगाए गए हें और गूलर के पेड़ों को लाल कपड़ा लगाया गया है, जिससे कांवड़ खंडित न हो सके।

    माह के अंतिम से श्रावण मास का महीना शुरू होने वाला है। ब्रजघाट से लाखों की संख्या में दूर-दराज के कांवड़िए जल उठाकर शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इन दिनों सिंभावली इलाके में तेंदुए की आहट ने ग्रामीणों को दहशत में डाला हुआ है। कांवड़ियों को सतर्क करने के लिए हर चार किलोमीटर की दूरी पर जागरूकता व चेतावनी संबंधी बैनर लगाए गए हैं। अस्थायी वन चौकियां स्थापित की गई है।

    विशेष रूप से पांच सदस्यीय प्रशिक्षित टीम का गठन

    प्रभागीय वनाधिकारी गौतम सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष रूप से पांच सदस्यीय प्रशिक्षित टीम का गठन किया गया है। तेंदुए या अन्य वन्यजीव के दिखने की सूचना मिलने पर टीम के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। कांवड़ मार्ग समेत अन्य रास्तों पर तेंदुआ या कोई भी वन्यजीव दिखाई देने पर इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें।

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