हापुड़ में पुलिस-अधिवक्ताओं में तीखी बहस, रिश्वत और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप; वीडियो वायरल
हापुड़ के पिलखुवा में गैर जमानती वारंट पर हिरासत में लिए गए व्यक्ति के मामले में अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। अधिवक्ताओं ने पुलिस पर रिश्व ...और पढ़ें
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अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई।
HighLights
पुलिस पर रिश्वत मांगने और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप।
अधिवक्ताओं और पिलखुवा पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
गैर जमानती वारंट पर हिरासत को लेकर विवाद गहराया।
जागरण संवाददाता, हापुड़ (पिलखुवा)। थाना पिलखुवा क्षेत्र के गांव गालंद के प्रहलाद सिंह को गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के तहत हिरासत में लेने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर थाने पहुंचे अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई।
अधिवक्ताओं ने पुलिस पर पांच लाख रुपये मांगने, जातिसूचक टिप्पणी करने और फर्जी मुठभेड़ की धमकी देने का आरोप लगाया। मामले का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, आबकारी अधिनियम से जुड़े एक मामले में न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट के आधार पर बुधवार को गालंद गांव के प्रहलाद सिंह को हिरासत में लिया गया था। प्रहलाद सिंह का पुत्र अधिवक्ता होने के साथ आजाद समाज पार्टी के लीगल सेल से जुड़ा है।
बड़ी संख्या में अधिवक्ता पिलखुवा कोतवाली पहुंच गए
मामले की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता पिलखुवा कोतवाली पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। अधिवक्ता कृष्णकांत कपिल गोस्वामी ने आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए प्रहलाद सिंह को लंबे समय तक थाने में बैठाए रखा।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने छोड़ने के एवज में पांच लाख रुपये की मांग की। पुलिसकर्मियों द्वारा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और फर्जी मुठभेड़ में फंसाने की धमकी दी गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि वह संविधान में विश्वास रखने वाले लोग हैं और कानून के दायरे में रहकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
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पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक हुई
इसके बाद पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही। वायरल वीडियो में अधिवक्ता पुलिसकर्मियों पर रुपये मांगने और उत्पीड़न के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं।
थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल चौहान ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पुलिस ने केवल न्यायालय के आदेश का पालन किया है। उनका कहना है कि कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रहलाद सिंह को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया गया।