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    अब बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करने वालों की खैर नहीं, रिटायर्ड फौजी संभालेंगे फाटकों की कमान

    Updated: Fri, 22 May 2026 04:48 PM (GMT+05:30)

    रेलवे प्रशासन ने फाटकों पर सुरक्षा मजबूत करने और दुर्घटनाएं कम करने के लिए रिटायर फौजियों की तैनाती शुरू की है। यह पहल पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक रोजग ...और पढ़ें

    रेलवे फाटकों की सुरक्षा अब रिटायर्ड सैनिकों के हाथों में। (AI Generated Image)

    रेलवे फाटकों की सुरक्षा अब रिटायर्ड सैनिकों के हाथों में। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. रेलवे फाटकों पर रिटायर फौजियों की तैनाती शुरू।

    2. सुरक्षा मजबूत कर दुर्घटनाएं रोकने का मुख्य उद्देश्य।

    3. पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान।

    अशरफ चौधरी, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाते हुए अब रेलवे फाटकों पर रिटायर फौजियों की तैनाती शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य फाटकों पर होने वाली लापरवाही को रोकना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

    अधिकारियों के अनुसार कई बार देखा गया है कि लोग फाटक बंद होने के बावजूद जल्दबाजी में उसे पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे हादसे होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में अनुशासन और जिम्मेदारी के लिए अपनी पहचान रखने वाले संविदा पर पूर्व सैनिकों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

    रिटायर फौजी न केवल फाटक के संचालन में सहयोग करेंगे, बल्कि लोगों को जागरूक भी करेंगे कि वे नियमों का पालन करें और अपनी जान जोखिम में न डालें। स्टेशन अधीक्षक शिवमूर्ति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे का मानना है कि इस कदम से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। इसको लेकर गढ़ रेलवे स्टेशन पर एक तैनाती भी हुई है।

    रिटायर्ड रेल कर्मियों को बेहतर अवसर

    शिवमूर्ति सिंह ने बताया कि भारतीय रेलवे का मकसद सेना से रिटायर होने वाले जवानों को संविदा कर्मियों के रूप में रेलवे में नौकरी के बेहतर अवसर देना है, जिससे वे आसानी से अपने सैन्य जीवन से नागरिक जीवन में कदम रख सकें। और इसका मकसद देश की सेवा कर चुके जवानों को दूसरे सम्मान जनक करियर का मौका देना है, जिससे वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को जारी रख सकें।

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    उन्होंने बताया कि रेलवे और सेना दोनों देश की मजबूत संस्थाएं हैं। सेना के जवान अनुशासन, तकनीकी कौशल और नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। कम उम्र में रिटायर होने वाले कई सैनिकों के पास अच्छा अनुभव होता है। रेलवे ने इस व्यवस्था पर कहा कि यह नई व्यवस्था पूर्व सैनिकों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में अहम कदम है। इससे न सिर्फ उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि देश के विकास और सुरक्षा तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।

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