डॉक्टर साहब...! आंखें हो रही हैं लाल और गले में बढ़ रहा दर्द; बारिश के बाद हापुड़ में मौसमी बीमारियों का प्रकोप
हापुड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आंखों की लाली और गले में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है, जहां ओपीडी में 350 से अधिक ऐसे मामले सामने आए। ...और पढ़ें

हापुड़ में मरीजों की लगी लंबी लाइन।
HighLights
हापुड़ में आंखों की लाली और गले के दर्द के मामले बढ़े।
मौसम में बदलाव और धूल के कारण संक्रमण फैल रहा है।
डॉक्टरों ने साफ-सफाई और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी।
संवाद सहयोगी, हापुड़। डॉक्टर साहब...! आंखें लाल और गले में दर्द बढ़ रहा है। ऐसी शिकायत लेकर बृहस्पतिवार को गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अस्पताल में मरीज पहुंचे और अपनी समस्याएं बताईं। इसके बाद डॉक्टर ने उनको परामर्श देकर पर्चे पर दवा लिखकर उनको आराम करने की सलाह दी गई।
अस्पताल की ओपीडी 1023 रही, जिनमें करीब 350 आंख और गले में दर्द के पहुंचे। वहीं, खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त समेत अन्य मौसमी बीमारियों के मरीज पहुंचे।
पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टरों के कक्षों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिली। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संजय कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव सबसे बड़ा प्रमुख कारण हैं।
एसी से निकलकर तुरंत धूप में न जाएं
शरीर का सबसे मुख्य अंग आंखें होती हैं और बाहर निकलने के दौरान हम आंखों को खुला रखते हैं, जिसके कारण सड़कों पर उड़ने वाली धूल व कण आंखों में चले जाते हैं और संक्रमण फैलने लगता है।
फिजिशियन डॉक्टर अशरफ अली ने मरीजों को पर्याप्त मात्रा में पानी-पीने, ठंडे गर्म से बचने, संतुलित दिनचर्या और एसी से निकलकर तुरंत धूप में न जाने की सलाह दी गई।
अस्पताल प्रभारी डॉक्टर कपिल गौतम ने बताया कि अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोएं और गंदे हाथों से अपनी आंखों को न छुएं। अपना तौलिया, रुमाल या चश्मा किसी और के साथ इस्तेमाल न करें।
आंखों की जलन और लालिमा कम करने के लिए साफ ठंडे पानी से सिकाई करें। बिना डॉक्टर की अनुमति के कोई भी आई ड्राप न डालें।
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