आज आधी रात से मीन राशि में वक्री होंगे शनिदेव, इन राशियों के जातक हो जाएं सावधान
शनिदेव आज मध्यरात्रि के बाद मीन राशि में वक्री होंगे, जो 10 दिसंबर तक रहेंगे। यह अवधि आत्मचिंतन और कर्मों के परिणामों की समीक्षा का समय है, जिसमें कुछ ...और पढ़ें

HighLights
शनिदेव आज मध्यरात्रि मीन राशि में वक्री होंगे।
यह अवधि आत्मचिंतन और कर्मों के परिणामों की समीक्षा का है।
कुंभ, मीन, मेष, सिंह, धनु राशि वाले रहें सावधान।
संवाद सहयोगी, हापुड़। Shani vakri : आज यानी रविवार मध्यरात्रि के बाद करीब एक बजकर 30 मिनट पर शनिदेव मीन राशि में वक्री हो जाएंगे। उनका यह वक्री गोचर 10 दिसंबर की मध्य रात्रि तक रहेगा, जिसके बाद वे पुनः मार्गी होंगे।
यह अवधि आत्मचिंतन, अधूरे कार्यों की समीक्षा और कर्मों के परिणाम सामने आने का समय होगी। इमानदारी और अनुशासन का पालन करने वालों को लंबे समय में लाभ मिलेगा, जबकि गलत कार्य करने वालों को उसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
क्या बोले ज्योतिर्विद?
ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पांडेय ने बताया कि शनि के वक्री होने से पुराने अधूरे कार्य, कर्ज और कानूनी मामलों की समीक्षा होगी। नौकरी और व्यापार में धैर्य व अनुशासन की परीक्षा हो सकती है। मेहनत का फल मिलने में विलंब संभव है, लेकिन सच्चे मन से किया गया परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा। इस दौरान अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना भी जरूरी होगा।
किसे होगा फायदा और किसे नुकसान?
वर्तमान समय में कुंभ, मीन और मेष राशि के जातक शनि की साढ़ेसाती से प्रभावित हैं, जबकि सिंह और धनु राशि के जातकों पर शनि की ढैया का प्रभाव है। इन राशियों के लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए।
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शनि के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें। शनिवार को सुंदरकांड का पाठ या 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जप करना लाभकारी रहेगा।
सूर्यास्त के बाद पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और अपनी काले तिल, उड़द या लोहे का दान करें। जरूरतमंदों की सेवा, सत्य का पालन, अनुशासन और धैर्य ही शनिदेव की कृपा प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम माना गया है।