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    हरदोई: बहन समझती रही कलाबाजी, खेलते समय रस्सी का फंदा लगने से 12 साल के बच्चे की मौत

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 10:52 AM (GMT+05:30)

    हरदोई में निर्माणाधीन मकान में खेलते समय 12 वर्षीय बालक आस्तिक की रस्सी के फंदे से मौत हो गई। उसकी छोटी बहन इसे खेल समझती रही, लेकिन जब तक हकीकत सामने ...और पढ़ें

    लकड़ी के पल्ले से आस्तिक ने लगा दी छलांग।

    लकड़ी के पल्ले से आस्तिक ने लगा दी छलांग।

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    जागरण संवाददाता, हरदोई। जिस भाई के साथ खेलने की मासूम खुशी छोटी बहन के चेहरे पर थी, कुछ ही देर बाद उसी भाई की मौत का दर्द पूरे परिवार को जिंदगी भर का गम दे गया।

    निर्माणाधीन मकान में खेलते समय 12 वर्षीय बालक के गले में रस्सी का फंदा लग गया। बहन काफी देर तक इसे भाई की कलाबाजी समझती रही, लेकिन जब हकीकत सामने आई तो बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में आस्तिक की सांसें थम गईं।

    पाली थाना क्षेत्र के खनिकलापुर निवासी रंजन मिश्र खेतीबाड़ी करते हैं। गांव में उनका मकान निर्माणाधीन है। सोमवार शाम रंजन पशुओं को लेकर खेत की ओर गए थे। घर पर उनका बड़ा पुत्र आस्तिक अपनी छोटी बहन हिमांशी के साथ निर्माणाधीन मकान में खेल रहा था।

    कक्षा सात का छात्र था आस्तिक

    आस्तिक गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा सात का छात्र था। स्वजन के अनुसार, खेलते समय आस्तिक ने बहन से कलाबाजी दिखाने की बात कही। वह निर्माणाधीन दीवार के पास बंधे बांस के सहारे रखे लकड़ी के पल्ले पर चढ़ गया।

    लकड़ी के पल्ले से लगा दी छलांग

    जैसे ही उसने छलांग लगाई, बांस में बंधी रस्सी उसके गले में फंस गई और वह फंदे से लटक गया। हिमांशी ने भाई को लटका देखा तो उसे लगा कि वह खेल में कोई करतब दिखा रहा है। वह कुछ देर तक देखती रही और फिर पड़ोस के एक किशोर को बुलाकर लाई।

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    किशोर ने स्थिति देखी तो शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और आस्तिक को फंदे से उतारा। स्वजन तत्काल उसे पाली सीएचसी लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।

    वहां से बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।

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    बेटे को खोने वाले माता-पिता की हालत देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े आस्तिक की असमय मौत से पूरे गांव में शोक छा गया।

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