हाथरस सदर विधायक का रिपोर्ट कार्ड: मुख्य सड़कों पर विकास, जिले को मेडिकल काॅलेज का इंतजार
हाथरस सदर विधायक अंजुला माहौर के रिपोर्ट कार्ड में मुख्य सड़कों का विकास और दाऊजी मेले को राजकीय दर्जा मिलना प्रमुख उपलब्धियां हैं। हालांकि, मेडिकल कॉ ...और पढ़ें

हाथरस सदर विधानसभा सीट से विधायक अंजुला माहौर।
HighLights
मेडिकल कॉलेज, ट्रांसपोर्ट नगर जैसी बड़ी परियोजनाएं अभी अधूरी।
शहर की गलियों में जलभराव, रोजगार सृजन बड़ी समस्याएँ।
अभिषेक तायल, हाथरस। जलेसर रोड बनने से राहत मिली, लेकिन मेडिकल कालेज कब बनेगा... दाऊजी मेले को राजकीय दर्जा मिलना अच्छी बात है, अब शहर की गलियों पर भी ध्यान देना चाहिए। कुछ इसी तरह की बात शहर के तालाब चौराहे और अलीगढ़ रोड स्थित चाय की दुकानों और जनरल स्टोर के प्रतिष्ठानों पर सोमवार सुबह हल्की बारिश के बीच चल रहीं थीं।
लोगों का कहना था कि चार वर्षों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं, लेकिन कुछ बड़ी परियोजनाएं और स्थानीय समस्याएं अभी भी समाधान की राह देख रही हैं। सदर विधानसभा क्षेत्र में पिछले चार वर्षों के विकास कार्यों को लेकर चर्चा में सामने आया कि क्षेत्र में कई बड़े विकास कार्य हुए हैं, लेकिन अभी भी कई बुनियादी समस्याएं लोगों को परेशान कर रही हैं।
हाथरस-जलेसर रोड, सासनी-नानऊ रोड समेत कई प्रमुख सड़कें बनने से आवागमन आसान हुआ है। 114 वर्ष पुराने श्री दाऊजी महाराज मेले को राजकीय दर्जा मिलने और 100 बेड जिला अस्पताल शुरू होने को भी लोग महत्वपूर्ण उपलब्धि मानते हैं। धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और संपर्क मार्गों के निर्माण की भी लोगों ने सराहना की।
लोगों ने कहा कि शहर की मुख्य सड़कें तो बेहतर हुई हैं, लेकिन मोहल्लों की गलियां, नालियां और जलनिकासी की समस्या आज भी बनी हुई है। बरसात में कई कालोनियों में जलभराव लोगों की परेशानी बढ़ा देता है। लोगों का कहना है कि मेडिकल कालेज की घोषणा लंबे समय से हो रही है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
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ट्रांसपोर्ट नगर, रिंग रोड, महिला अस्पताल के विस्तार और अन्य बड़ी योजनाएं भी अभी अधूरी हैं। उनका कहना था कि विधायक क्षेत्र में सक्रिय रहती हैं और शासन स्तर पर योजनाओं को स्वीकृति दिलाने का प्रयास करती हैं। लेकिन, अब जनता चाहती है कि जिन योजनाओं की घोषणा हो चुकी है, वे धरातल पर भी दिखाई दें।
लोगों का मानना है कि विकास की रफ्तार अब शहर की गलियों और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचनी चाहिए। विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन मतदाता अब चार वर्षों के कामकाज को उपलब्धियों और अधूरे कार्यों के आधार पर तौलने लगे हैं।
समग्र विकास का रहा प्रयास
सदर विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पिछले साढ़े चार वर्षों में निरंतर कार्य किया गया है। मेरा प्रयास रहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। मेरे प्रयासों से 114 वर्ष पुराने श्री दाऊजी महाराज लख्खी मेले को राजकीय मेले का दर्जा मिला।
हाथरस-जलेसर मार्ग, सासनी-विजयगढ़, सासनी-नानऊ, सासनी-इगलास और सासनी-बिलखौरा सहित कई प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण और निर्माण कराया गया। अटल कन्वेंशन सेंटर (सर्किट हाउस), विभिन्न चौराहों पर महाराणा प्रताप, राजा महेंद्र प्रताप, अशोक स्तंभ स्थापित कराए गए। धार्मिक स्थलों के विकास, पुलों के निर्माण और गोशालाओं के विकास पर भी कार्य हुआ।
लोक निर्माण विभाग के माध्यम से 100 से अधिक सड़कें, मंडी समिति से 30 से अधिक सड़कें व विधायक निधि से 80 से अधिक सड़कों का निर्माण कराया गया। क्षेत्र में 82 हाईमास्ट लाइटें भी लगवाई गईं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए जिला अस्पताल को मजबूत किया गया है और मेडिकल काॅलेज की स्थापना के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास जारी हैं।
मेरा उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव और शहर के प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना है। आने वाले समय में शेष परियोजनाओं को भी पूरा कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करती रहूंगी। नई उपलब्धि के तौर पर हाथरस को आडिटोरियम की भी सौगात मिली है।
— अंजुला माहौर, विधायक, हाथरस सदर विधानसभा
मेडिकल कॉलेज स्थापना जरूरी
सदर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ-साथ आम जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर और गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उनके अनुसार आज भी कई गांवों की सड़कें जर्जर हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। शिक्षा के क्षेत्र में नए स्कूलों और कालेजों की आवश्यकता है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए हाथरस में मेडिकल कॉलेज की स्थापना बेहद जरूरी है, जिससे लोगों को इलाज के लिए अलीगढ़, आगरा या अन्य शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि जिले में नए उद्योग स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलें और पलायन रुके। व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएं।
इसके अलावा शहर के कई मोहल्लों में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या हर साल लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, गांवों में बेहतर सड़कें, किसानों के लिए सुविधाएं और रोजगार सृजन जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देकर ही क्षेत्र का समग्र विकास संभव है।
— संजीव कुमार काका, बसपा प्रत्याशी एवं 2022 विधानसभा चुनाव के उपविजेता
हाथरस सदर विधानसभा
- कुल मतदाता- 3,69,865
- पुरुष मतदाता- 2,01,086
- महिला मतदाता- 1,68,775
- अन्य - 04
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