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    18 राज्यों के फ्रॉड से जुड़ा म्यूल खाता पकड़ा गया, हाथरस में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 08:45 AM (IST)

    चौधरी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक रामगोपाल के खाते में ठगी के 1.82 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर खाता फ्रीज कर दिया है। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

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    संवाद सहयोगी, हाथरस। साइबर क्राइम ने म्यूल खातों की जांच के दौरान एक ऐसे बैंक खाते का भंडाफोड़ किया है जो देश के 18 अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर फ्राड की शिकायतों से सीधे जुड़ा हुआ है।

    जांच में सामने आया कि थाना मुरसान के पटाखास कोरना निवासी रामगोपाल द्वारा संचालित चौधरी ट्रेडिंग कंपनी के खाते में साइबर ठगों द्वारा ठगी गई 1.82 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी। साइबर थाना पुलिस ने खाता धारक के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

    साइबर क्राइम ने की कार्रवाई 1.34 करोड़ की ठगी में 1.82 लाख पहुंचे खाते में

    उपनिरीक्षक नीलेश यादव ने बताया कि पुलिस उपमहानिरीक्षक अलीगढ़ और पुलिस अधीक्षक अपराध अलीगढ़ के क्रम में पूर्व से चल रही म्यूल खातों की जांच के तहत 30 मई 2026 को संदिग्ध ट्रांजेक्शन वाले खातों की पड़ताल की गई। इसी दौरान चौधरी ट्रेडिंग कंपनी का खाता संख्या संदिग्ध पाया गया। पोर्टल पर 18 शिकायतों से कनेक्शनखाते की गहराई से जांच के लिए उसे पोर्टल पर चेक किया गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

    पुलिस ने किया अभियोग पंजीकृत, टीमें अन्य जानकारी में जुटी

    यह खाता देश के विभिन्न प्रांतों से दर्ज कुल 18 साइबर शिकायतों से जुड़ा हुआ है। इन 18 शिकायतों में कुल एक करोड़ 34 लाख दो हजार 377 रुपये की साइबर ठगी हुई थी। जांच में पाया गया कि इन ठगी की राशियों में से एक लाख 82 हजार 210 रुपये सीधे चौधरी ट्रेडिंग कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।

    राज्यों का लंबा फेहरिस्त, छोटे-छोटे ट्रांसफर

    साइबर थाना को मिली जानकारी के अनुसार ठगी की राशि इस खाते में बहुत छोटे-छोटे हिस्सों में ट्रांसफर की गई थी ताकि संदेह से बचा जा सके। म्यूल खाते के रूप में इस्तेमाल का संदेह साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने बताया कि देश के अलग-अलग कोनों में हुई साइबर ठगी की राशि का एक ही बैंक खाते में छोटे-छोटे हिस्सों में आना इस बात का पुख्ता सबूत है कि इस खाते का इस्तेमाल म्यूल खाते के रूप में किया गया।

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    साइबर अपराध, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की धाराओं में अभियोग पंजीकृत

    साइबर अपराधी ठगी की राशि को सीधे अपने खाते में न लेकर ऐसे म्यूल खातों में ट्रांसफर करते हैं और फिर उसे आगे निकाल लेते हैं। पुलिस का मानना है कि खाता धारक रामगोपाल ने साइबर अपराधियों के साथ मिलकर यह साजिश रची और ठगी की राशि को अवैध रूप से प्राप्त किया। इसी आधार पर पुलिस ने चौधरी ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर रामगोपाल के खिलाफ साइबर अपराध, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है।

    खाता फ्रीज, आगे की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने संबंधित बैंक को पत्र भेजकर उक्त खाते को तत्काल फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही शेष राशि की रिकवरी और खाते से जुड़े अन्य लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि रामगोपाल के अलावा इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    इस तरह से ट्रांसफर किए रुपये

    • आंध्र प्रदेश के अनंतपुरम में हुई 70 हजार रुपये की ठगी में से 50 हजार रुपये, विशाखापट्टनम साइबर क्राइम में हुई एक लाख 69 हजार 304 रुपये की ठगी में से 1800 और 2600 रुपये इसी खाते में आए।
    • बिहार के समस्तीपुर में 10 हजार रुपये की ठगी में से चार हजार रुपये और पटना के मानेर में 67,592 रुपये की ठगी में से 15,500 रुपये इस खाते में ट्रांसफर हुए।
    • गोवा के नार्थ गोवा के पेरनेम थाने में दर्ज 10,400 रुपये की ठगी की पूरी राशि भी इसी खाते में पहुंची।
    • गुजरात के बनासकांठा में पांच लाख 85 हजार 900 रुपये की बड़ी ठगी में से दो रुपये और कर्नाटक के बेंगलुरु वेस्ट क्राइम में हुई 84 लाख 10 हजार रुपये की ठगी में से भी दो हजार रुपये इस खाते में आए।
    • उत्तर प्रदेश के अमरोहा देहात में छह लाख 90 हजार रुपये की ठगी में से 500 रुपये और कौशांबी के सराय अकिल में 47,055 रुपये की ठगी में से 1,500 रुपये भी इसी खाते में ट्रांसफर हुए।
    • तेलंगाना के साइबराबाद में दो लाख 21 हजार 489 रुपये की ठगी में से 507 रुपये, कर्नाटक के मांड्या में 20,460 रुपये की ठगी में से दो रुपये और बीदर में एक लाख 54 हजार 856 रुपये की ठगी में से 4,500 रुपये इस खाते में पहुंचे।
    • महाराष्ट्र के नवी मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज 45 हजार रुपये की ठगी में से 16,800 रुपये, मणिपुर के इम्फाल में सात लाख 93 हजार 317 रुपये की ठगी में से 1,500 रुपये, ओडिशा के भुवनेश्वर में चार लाख 45 हजार 400 रुपये की ठगी में से 65,200 रुपये, तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई में 93,310 रुपये की ठगी में से 580 रुपये और तेलंगाना के हैदराबाद सिटी में 13 लाख 98 हजार 990 रुपये की ठगी में से 770 रुपये इसी खाते में ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई।

    एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने की आम जन से अपील

    एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बैंक का ओटीपी या पिन किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध काल या मैसेज की तुरंत शिकायत पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराएं। यदि किसी के साथ साइबर फ्राड हो जाए तो 24 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज कराने पर पैसे वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।

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